दुर्ग। जिले में सूदखोरी का एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां भिलाई स्टील प्लांट (BSP) के एक कर्मचारी से महज 3 लाख रुपए उधार देने के बदले 10 लाख रुपए जबरन वसूले गए। पीड़ित कर्मचारी ने घरेलू जरूरतों के लिए शहर के प्रदीप नायक से पैसे उधार लिए थे, जो सूद पर रकम उपलब्ध कराया करता था।
3 लाख उधार, 10 लाख की वसूली
पीड़ित ने भिलाई भट्ठी थाने में शिकायत दर्ज कराई कि उसने 28 फरवरी 2025 को प्रदीप नायक और उसके सहयोगी एम. कृष्णा रेड्डी के माध्यम से जयदीप सिंह नामक व्यक्ति से 3 लाख रुपए उधार लिए थे। इसके बदले आरोपी पक्ष ने उससे प्रगति महिला नागरिक सहकारी बैंक (सेक्टर-2) के पांच ब्लैंक चेक और दो एग्रीमेंट पेपर पर हस्ताक्षर करवाए।
4 महीने में लौटाई पूरी राशि, फिर भी बढ़ता रहा दबाव
कर्मचारी ने जून 2025 में ब्याज सहित पूरी राशि लौटा दी थी। इसके बावजूद आरोपी जयदीप सिंह लगातार यह कहते हुए दबाव बनाता रहा कि अब भी ब्याज बाकी है और चेक-पेपर लौटाने से इनकार कर दिया। इसके चलते पीड़ित पर लगातार अतिरिक्त रकम देने का दबाव बनाया जाता रहा।
Read Also- छत्तीसगढ़ में बढ़ी ठंड, कई जिलों का तापमान गिरा; मौसम विभाग ने सावधानी बरतने की अपील की
रिटायरमेंट की रकम भी हड़पी
कर्मचारी 30 नवंबर 2025 को सेवानिवृत्त हुआ था। 3 दिसंबर को जब वह अपनी पत्नी के साथ बैंक में खाता ट्रांसफर कराने गया, तभी आरोपी जयदीप सिंह, कृष्णा रेड्डी, प्रदीप नायक समेत 8–10 लोग बैंक पहुंच गए। उन्होंने दंपत्ति को गाली-गलौज व जान से मारने की धमकी दी और दबाव बनाकर 9 लाख रुपए RTGS के माध्यम से तथा 1 लाख रुपए नकद, कुल 10 लाख रुपए अपने परिचित के खाते में जमा करा लिए।
गैंग के सक्रिय होने की आशंका
पुलिस ने मामले में कई ब्लैंक चेक, एग्रीमेंट और महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए हैं। तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि अन्य की तलाश जारी है। पुलिस का अंदेशा है कि यह सूदखोरी का संगठित गिरोह है, जो कई लोगों से इसी तरह अवैध वसूली कर चुका हो सकता है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है।
गिरफ्तार आरोपी
- ओमप्रकाश (57 वर्ष), सेक्टर-7
- प्रदीप नायक (38 वर्ष), सेक्टर-1
-
एम. कृष्णा रेड्डी (28 वर्ष), तालपुरी




