मयंक अग्रवाल को खेलने का मौका मिला और उन्होंने इसका बखूबी फायदा उठाया। भले ही वे कोई बड़ी पारी नहीं खेल पाए, लेकिन उनकी तेजतर्रार बल्लेबाजी ने सभी का ध्यान खींचा। मयंक ने न सिर्फ अपनी टीम को तेज शुरुआत दिलाई, बल्कि टी20 क्रिकेट में एक अहम मुकाम भी हासिल कर लिया।
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दरअसल, जब आईपीएल 2025 की शुरुआत हुई थी, तब मयंक किसी भी टीम का हिस्सा नहीं थे। पिछले साल हुए ऑक्शन में किसी भी फ्रेंचाइज़ी ने उन्हें नहीं खरीदा। लेकिन किस्मत ने उस वक्त पलटी मारी, जब रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर (RCB) के सलामी बल्लेबाज देवदत्त पडिक्कल चोट के कारण टूर्नामेंट से बाहर हो गए। इसके बाद आरसीबी ने मयंक को रिप्लेसमेंट के तौर पर टीम में शामिल किया। मौका मिलते ही मयंक ने खुद को साबित करना शुरू कर दिया।
फाइनल में पंजाब किंग्स के खिलाफ खेलते हुए मयंक ने टी20 क्रिकेट में अपने 5000 रन पूरे कर लिए। इस अहम पड़ाव तक पहुंचने के लिए उन्होंने 214 टी20 मैच खेले हैं, जिसमें उनके नाम दो शतक और 28 अर्धशतक दर्ज हैं। उनका औसत इस फॉर्मेट में लगभग 25 का है। यह उपलब्धि ऐसे समय आई है जब वे भारत की किसी भी राष्ट्रीय टीम का हिस्सा नहीं हैं, लेकिन उनके प्रदर्शन ने एक बार फिर चयनकर्ताओं का ध्यान आकर्षित किया है।
मयंक अग्रवाल की यह पारी सिर्फ एक खिलाड़ी की वापसी नहीं, बल्कि संघर्ष, धैर्य और मेहनत की मिसाल बन गई है। अब देखना यह होगा कि क्या इस फॉर्म में वे आने वाले दिनों में टीम इंडिया में वापसी कर पाएंगे।




