इंदौर। मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में सार्वजनिक परिवहन को अधिक आधुनिक, सुविधाजनक और एकीकृत बनाने की दिशा में राज्य सरकार एक बड़ी पहल करने जा रही है। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने एक ‘यूनिफॉर्म मोबिलिटी कार्ड’ शुरू करने की योजना बनाई है, जिसके जरिए यात्री मेट्रो, बस, कैब और ई-रिक्शा जैसे विभिन्न परिवहन साधनों में एक ही कार्ड से सफर कर सकेंगे।
मेट्रो और बस से होगी शुरुआत
नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के आयुक्त संकेत भोंडवे ने जानकारी दी कि शुरुआत में यह कार्ड मेट्रो रेल और सिटी बस सेवाओं के लिए लागू किया जाएगा। भविष्य में इसे ऐप आधारित कैब सेवाओं और ई-रिक्शा से भी जोड़ा जाएगा, ताकि लोगों को एकीकृत और निर्बाध परिवहन अनुभव मिल सके। इस कार्ड की तकनीकी संरचना और भुगतान प्रणाली को लेकर नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) से चर्चा चल रही है, ताकि कार्ड को पूरे शहर में प्रभावी और सुचारू रूप से लागू किया जा सके।
Read Also- अब जेल से उठेगी मसालों की खुशबू! कैदी चलाएंगे मसाला पीसने की मशीन, पूरे राज्य में पहुंचेगा स्वाद
शहरी विकास के लिए मिलेगा 50,000 करोड़ रुपये का फंड
आयुक्त भोंडवे ने यह भी बताया कि आवास एवं शहरी विकास निगम (HUDCO) द्वारा मध्य प्रदेश सरकार को आगामी दिनों में 50,000 करोड़ रुपये का कर्ज उपलब्ध कराया जा सकता है। इस फंड का उपयोग राज्य के विभिन्न नगरीय निकायों की वित्तीय स्थिति को सुदृढ़ करने और शहरी विकास से जुड़ी प्रमुख योजनाओं को गति देने के लिए किया जाएगा।
इंदौर में होगा ‘मध्य प्रदेश ग्रोथ कॉन्क्लेव’
इसी क्रम में शुक्रवार, 12 जुलाई को इंदौर में ‘मध्य प्रदेश ग्रोथ कॉन्क्लेव’ का आयोजन किया जाएगा। इस महत्वपूर्ण सम्मेलन का उद्घाटन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव करेंगे। यह आयोजन शहरी विकास, होटल और पर्यटन उद्योग, रियल एस्टेट तथा बुनियादी ढांचे जैसे क्षेत्रों पर केंद्रित रहेगा।
Read Also- हनी ट्रैप मामले में कमलनाथ को राहत, हाईकोर्ट ने जनहित याचिका की खारिज
अधिकारियों के अनुसार, इस एक दिवसीय सम्मेलन में देशभर से 1,500 से अधिक निवेशक, उद्योगपति और कॉर्पोरेट प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे। कार्यक्रम का उद्देश्य निवेशकों के साथ संवाद कर नए प्रोजेक्ट्स में निवेश की संभावनाएं तलाशना और इंदौर सहित अन्य शहरी क्षेत्रों को स्मार्ट, सुलभ और टिकाऊ बुनियादी ढांचे से जोड़ना है।




