नई दिल्ली। चुनावों के दौरान मतदान प्रतिशत के अंतिम आंकड़ों के देर से आने पर उठ रहे सवालों के बीच चुनाव आयोग ने एक अहम कदम उठाया है। अब प्रत्येक निर्वाचन क्षेत्र के मतदान के अंतिम आंकड़े चुनाव समाप्त होने के लगभग 30 मिनट के भीतर उपलब्ध हो सकेंगे। इसके लिए आयोग ने मतदान आंकड़े दर्ज करने की प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया है।
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नई व्यवस्था के तहत, मतदान प्रक्रिया पूरी होने के बाद हर मतदान केंद्र के पीठासीन अधिकारी को अपने केंद्र का अंतिम मतदान प्रतिशत चुनाव आयोग के विशेष एप पर दर्ज करना होगा। इसके लिए उन्हें एक लॉगिन आईडी और पासवर्ड प्रदान किया जाएगा, जिससे वे फार्म 17सी को अंतिम रूप देने के बाद आंकड़ों को एप में अपडेट कर सकें।
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चुनाव आयोग का कहना है कि यदि किसी क्षेत्र में इंटरनेट कनेक्टिविटी में दिक्कत आती है तो आंकड़े मोबाइल नेटवर्क के आने के साथ ही स्वतः अपडेट हो जाएंगे। इससे यह सुनिश्चित होगा कि पूरे देश भर के मतदान प्रतिशत के आंकड़े चुनाव समाप्त होने के तुरंत बाद, अधिकतम आधे घंटे के भीतर सार्वजनिक रूप से उपलब्ध हो जाएं।
इस प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए चुनाव आयोग ने हाल ही में सभी संबंधित एप्स और वेबसाइट्स को एकीकृत कर एक नया प्लेटफॉर्म विकसित किया है, जिसे ईसीआईनेट (ECINet) नाम दिया गया है। यह प्लेटफॉर्म चुनाव से जुड़े आंकड़ों को रियल टाइम में ट्रैक करने और पारदर्शिता बनाए रखने में मदद करेगा।
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आयोग को उम्मीद है कि इस बदलाव से मतदान प्रतिशत को लेकर भ्रम और देरी की स्थिति समाप्त होगी और मतदाता, राजनीतिक दल व मीडिया को तत्काल और सटीक जानकारी मिल सकेगी। साथ ही इससे चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और विश्वसनीयता भी बढ़ेगी।
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यह नई व्यवस्था आगामी चुनावों से लागू होगी और इसके तहत सभी पीठासीन अधिकारियों को विशेष प्रशिक्षण भी दिया जाएगा ताकि वे इस तकनीकी बदलाव के साथ सहज रूप से कार्य कर सकें।




