रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी के VIP रोड स्थित नकटी गांव में ग्रामीणों से अवैध कब्ज़ा हटाकर वहां विधायकों को बसाने के लिए कॉलोनी बनाने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए तहसीलदार ने अवैध कब्जे में 35 साल से रह रहे करीब 85 परिवार वालों को घर खाली करने के लिए नोटिस दिया है। इससे ग्रामीणों में अच्छा खासा आक्रोश देखने को मिल रहा है। ग्रामीण नोटिस का विरोध करते हुए प्रदर्शन कर इस नोटिस को वापस लेने की मांग कर रहे हैं।
मिली जानकारी के अनुसार; नकटी ग्राम में अवैध कब्ज़ा कर रह रहे ग्रामवासियों को 11 अप्रैल को तहसीलदार ने अतिक्रमण हटाने के लिए नोटिस दिया है। इस नोटिस में कहा गया है कि अवैध कब्ज़ा वासी स्वयं ही अतिक्रमण हटाए अन्यथा प्रशासन बलपूर्वक उनसे कब्ज़ा हटाएगी। इसके बाद गांव वालों ने सरकार और प्रशासन के खिलाफ आन्दोलन शुरू कर दिया है। इनके विरोध को कांग्रेस नेताओं का साथ भी मिल रहा है। शनिवार को ग्रामीणों के आंदोलन को समर्थन करने के लिए पूर्व राज्यसभा सांसद छाया वर्मा और पूर्व धरसीवां विधायक अनीता शर्मा नकटी गांव पहुंचे थे और अपने पार्टी का ग्रामीणों के साथ होने का आश्वासन भी दिया।
अवैध कब्जे में बना है 12 से 15 पीएम आवास
नकटी गांव के 56 एकड़ में बसे अवैध कब्जे में कुल 85 घर हैं। इसमें 350 के करीब लोग निवास करते हैं। इनमें कुछ प्रधानमंत्री आवास के तहत घर बने हुए हैं। ऐसे में सवाल यह उठता है कि जब जगह ही अवैध था तो फिर हितग्राहियों को योजना का लाभ कैसे मिल गया। बहरहाल कब्ज़ा हटाने के लिए प्रशासन किसी भी दिन गांव में पहुंच सकता है। इधर, ग्रामीण इस स्थिति को भांपते हुए आंदोलन की राह में निकल गए हैं। एक वृद्ध महिला के अनुसार; उन्हें यहां से हटाने के बाद उनके सामने रोजी रोटी की भी बड़ी समस्या होगी।




