आज के समय में बिगड़ते खानपान और अनियमित जीवनशैली के कारण लोगों में सेहत संबंधी कई समस्याएं बढ़ती जा रही हैं, जिनमें फैटी लिवर एक प्रमुख समस्या बनकर उभर रही है। पहले यह बीमारी बुजुर्गों में अधिक देखी जाती थी, लेकिन अब यह युवाओं को भी तेजी से अपनी चपेट में ले रही है। इस स्थिति में लिवर की कोशिकाओं में अत्यधिक चर्बी जमा हो जाती है। यह दो प्रकार की होती है—एल्कोहॉलिक फैटी लिवर और नॉन-एल्कोहॉलिक फैटी लिवर। एल्कोहॉलिक फैटी लिवर में शराब का सेवन लिवर को नुकसान पहुंचाता है, जबकि नॉन-एल्कोहॉलिक फैटी लिवर का कारण मोटापा, डायबिटीज, हाई कोलेस्ट्रॉल और अस्वस्थ जीवनशैली होती है।
फैटी लिवर की समस्या होने पर समय रहते उपचार शुरू करना जरूरी होता है। इसके साथ ही कारणों की पहचान कर उन्हें नियंत्रित करने पर ध्यान देना चाहिए। विशेषज्ञों के अनुसार, सही डाइट और लाइफस्टाइल में बदलाव से इस स्थिति में सुधार संभव है। कुछ घरेलू उपाय भी इसमें मददगार साबित हो सकते हैं।
एक्सपर्ट की राय
आयुर्वेद विशेषज्ञ किरण गुप्ता के अनुसार, फैटी लिवर से पीड़ित लोगों को ऑयल फ्री और कम प्रोटीन वाली चीजें खानी चाहिए। खीरा और गाजर जैसी सब्जियों का सलाद में सेवन लाभदायक होता है। उबली हुई सब्जियां खाएं और रोजाना सैर करें। हल्की ब्रिस्क वॉक, प्राणायाम और पर्याप्त आराम भी फायदेमंद होते हैं। रोजाना सात से आठ घंटे की नींद जरूरी है। ठंडे पेय और सॉफ्ट ड्रिंक्स से परहेज करें तथा दिनभर में ढाई से तीन लीटर पानी पिएं। दूध और डेयरी उत्पादों का सेवन सीमित मात्रा में करें।
नींबू और शहद का पानी रोज पीना भी फायदेमंद माना जाता है। इसके अलावा लौकी, पैठे और पुदीने का जूस लिवर को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं। कुछ मसाले जैसे अजवाइन, सौंफ और साबुत धनिया का पानी भी फायदेमंद साबित हो सकता है। वजन ज्यादा होने पर उसे नियंत्रित करना भी जरूरी है।
डाइट में करें बदलाव
विशेषज्ञों का कहना है कि डाइट में हरी पत्तेदार सब्जियां शामिल करें। मेथी, लौकी, तोरी और टिंडे जैसी सब्जियां नियमित रूप से खाएं। सलाद का सेवन करें और घर का बना भोजन प्राथमिकता दें। ऑयली, मसालेदार और जंक फूड से परहेज करें। शराब और धूम्रपान जैसी आदतों को पूरी तरह छोड़ना बेहतर रहेगा।
रोजाना करें एक्सरसाइज
स्वस्थ और फिट रहने के लिए नियमित व्यायाम बेहद जरूरी है। सुबह के समय 20 से 30 मिनट वॉक या हल्की एक्सरसाइज करें। लंबे समय तक बैठे रहने से बचें और बीच-बीच में स्ट्रेचिंग करें। मानसिक तनाव को कम करना भी फैटी लिवर की स्थिति सुधारने में मदद करता है।




