रायपुर। रायपुर शहर और आसपास के थाना क्षेत्रों में लगातार हो रही दोपहिया वाहन चोरी की घटनाओं पर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक्टिवा चोरी करने वाले गिरोह का खुलासा किया है। एंटी क्राइम एवं साइबर यूनिट की विशेष टीम ने मास्टर चाबी से एक्टिवा चोरी करने वाले मुख्य आरोपी सहित चोरी के वाहन खपाने और खरीदने वाले कुल 21 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 36 नग चोरी की एक्टिवा स्कूटी बरामद की गई हैं, जिनकी कुल कीमत लगभग 19 लाख 80 हजार रुपये आंकी गई है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर दोपहिया वाहन चोरी की बढ़ती घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए एंटी क्राइम एवं साइबर यूनिट की एक विशेष टीम गठित की गई थी। टीम ने सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी विश्लेषण, मुखबिर सूचना और नियमित पेट्रोलिंग के आधार पर जांच शुरू की। इसी दौरान रवि भवन पार्किंग और आसपास के क्षेत्रों में लगातार एक सप्ताह तक कैंप कर टीम ने एक संदिग्ध को चिन्हांकित किया।
जांच में बोरियाकला मुजगहन निवासी रोशन रात्रे को पकड़ा गया, जो मास्टर चाबी का उपयोग कर अलग-अलग थाना क्षेत्रों से करीब तीन दर्जन एक्टिवा वाहन चोरी करता था। पूछताछ में उसने खुलासा किया कि चोरी की स्कूटियों को खपाने के लिए वह कमल जांगड़े, गितेश कुमार पाटले और मुस्कान रात्रे को देता था। ये तीनों आरोपी चोरी की गाड़ियों को स्वयं उपयोग करने के साथ-साथ गांव के रिश्तेदारों और परिचितों को बेच देते थे।
इसके बाद पुलिस टीम ने चोरी की वाहन खरीदने वाले 17 अन्य आरोपियों की पहचान कर उन्हें भी गिरफ्तार किया। सभी आरोपियों की निशानदेही पर कुल 36 एक्टिवा वाहन बरामद किए गए। बरामद वाहनों में से 24 एक्टिवा स्कूटियों के संबंध में थाना सिविल लाइन, डीडी नगर और गोलबाजार में पहले से अपराध दर्ज पाए गए हैं।
पुलिस ने बताया कि वर्ष 2026 में महज 15 दिनों के भीतर एंटी क्राइम एवं साइबर यूनिट द्वारा कुल 44 चोरी की दोपहिया वाहन जब्त किए जा चुके हैं। सभी 21 आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में कार्रवाई की गई है और आगे की जांच जारी है।




