नई दिल्ली। देश में क्रेडिट कार्ड यूजर्स की संख्या तेजी से बढ़ रही है, खासकर स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की सब्सिडियरी एसबीआई कार्ड (SBI Card) के ग्राहक लगातार बढ़ते जा रहे हैं। ऐसे में यदि आप एसबीआई क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करते हैं, तो आपके लिए एक जरूरी खबर है। 15 जुलाई 2025 से एसबीआई कार्ड से जुड़े कई नियमों में बदलाव होने जा रहे हैं, जिनका सीधा असर कार्डधारकों पर पड़ेगा।
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पहला बड़ा बदलाव: मिनिमम अमाउंट ड्यू में बदलाव
एसबीआई कार्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर दी गई जानकारी के अनुसार, 15 जुलाई से मिनिमम अमाउंट ड्यू (MAD) की गणना के तरीके में बड़ा बदलाव होगा। अब यह सिर्फ बकाया बिल का 2% नहीं होगा, बल्कि इसमें जीएसटी का 100%, किसी भी किस्त का बकाया बैलेंस (EMI), फीस, फाइनेंस चार्ज, ओवरलिमिट अमाउंट आदि को भी जोड़ा जाएगा। इससे ग्राहकों का मिनिमम अमाउंट ड्यू बढ़ जाएगा।
क्या होता है मिनिमम अमाउंट ड्यू?
मिनिमम अमाउंट ड्यू वह न्यूनतम राशि होती है, जिसे हर महीने क्रेडिट कार्ड बिल के भुगतान में करना आवश्यक होता है ताकि लेट फीस से बचा जा सके। हालांकि, यह सुविधा ग्राहक को डिफॉल्ट से बचाती है, लेकिन इस राशि के भुगतान के बावजूद बची हुई रकम पर ब्याज लगता रहता है। इसलिए विशेषज्ञ पूरे बकाया बिल को समय पर चुकाने की सलाह देते हैं।
दूसरा बड़ा बदलाव: एयर एक्सीडेंट इंश्योरेंस कवर समाप्त
15 जुलाई से एसबीआई कार्ड द्वारा दिए जाने वाले कॉम्प्लीमेंटरी एयर एक्सीडेंट इंश्योरेंस कवर को भी समाप्त किया जा रहा है। अब कार्डधारकों को 1 करोड़ रुपये तक का मुफ्त एयर एक्सीडेंट कवर नहीं मिलेगा। यह सुविधा एसबीआई कार्ड एलीट, माइल्स एलीट, माइल्स प्राइम, प्राइम और पल्स जैसे कार्डों के साथ दी जाती थी, जो अब बंद हो जाएगी।
इन दोनों बदलावों का असर लाखों यूजर्स पर पड़ने वाला है, इसलिए अगर आप भी एसबीआई क्रेडिट कार्ड यूजर हैं, तो समय रहते इन नए नियमों की जानकारी जरूर ले लें और अपनी वित्तीय योजना उसी अनुसार तैयार करें।




