नई दिल्ली। सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर शर्मिष्ठा पनोली को सांप्रदायिक वीडियो पोस्ट करने के मामले में कलकत्ता हाईकोर्ट से अंतरिम राहत मिली है। अदालत ने गुरुवार को उन्हें अंतरिम जमानत दे दी, लेकिन इसके साथ ही देश छोड़ने पर रोक भी लगा दी है। कोर्ट ने साफ कहा कि शर्मिष्ठा को जांच में सहयोग करना होगा और जब भी आवश्यकता हो, उपस्थित रहना होगा। शर्मिष्ठा पनोली को कोलकाता पुलिस ने गुरुग्राम से उस वक्त गिरफ्तार किया था जब उन्होंने कथित रूप से सांप्रदायिक भावनाएं भड़काने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया था। वीडियो में उन्होंने *ऑपरेशन सिंदूर* और बॉलीवुड अभिनेता के खिलाफ टिप्पणी की थी। साथ ही, उन पर पैगंबर मोहम्मद को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी करने का भी आरोप है।
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मंगलवार को निचली अदालत ने पनोली की अंतरिम जमानत याचिका खारिज करते हुए उन्हें 13 जून तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। इसके बाद उनकी ओर से कलकत्ता हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी। हाईकोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए गार्डेनरीच थाना प्रभारी को केस डायरी प्रस्तुत करने का आदेश दिया था और राज्य सरकार को निर्देश दिया कि इस मामले में फिलहाल कोई नया केस दर्ज न किया जाए। अदालत ने यह भी कहा कि वीडियो में इस्तेमाल की गई भाषा धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाली थी।
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हालांकि, विस्तृत सुनवाई के बाद कोर्ट ने उन्हें अंतरिम जमानत पर रिहा करने का आदेश देते हुए कहा कि मामले की जांच के दौरान अगर कोई सबूत छुपाने या प्रभावित करने की कोशिश की गई, तो जमानत रद्द की जा सकती है। यह मामला देश में सोशल मीडिया पर अभिव्यक्ति की सीमा और धार्मिक संवेदनशीलता के बीच संतुलन बनाए रखने को लेकर एक बार फिर चर्चा में आ गया है।




