अहमदाबाद
गुजरात के वडोदरा जिले में महिसागर नदी पर बने एक पुराने पुल का हिस्सा ढहने से हुए दर्दनाक हादसे में अब तक 16 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कुछ लोग अभी भी लापता हैं। इस गंभीर घटना के बाद मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने तत्परता दिखाते हुए सड़क एवं भवन विभाग के चार इंजीनियरों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
मुख्यमंत्री द्वारा लिए गए निर्णय के तहत एक्जीक्यूटिव इंजीनियर एन एम नायकवाला, डिप्टी इंजीनियर यू सी पटेल और आर टी पटेल तथा असिस्टेंट इंजीनियर जे वी शाह को निलंबित किया गया है। यह कदम प्राथमिक जांच के आधार पर उठाया गया है, जिसमें इन अधिकारियों की लापरवाही सामने आई है।
घटना बुधवार सुबह पादरा कस्बे के निकट गंभीरा गांव में हुई, जहां चार दशक पुराने पुल का एक हिस्सा अचानक ढह गया। हादसे के समय कई वाहन पुल से गुजर रहे थे, जो सीधे महिसागर नदी में गिर गए। पुल वडोदरा और आणंद जिलों को जोड़ता है और यहां यातायात का दबाव काफी रहता है।
वडोदरा के पुलिस अधीक्षक रोहन आनंद ने बताया कि अब तक 16 शव बरामद किए जा चुके हैं और बचाव कार्य जारी है। वडोदरा के जिलाधिकारी अनिल धमेलिया ने पुष्टि की कि अभी भी कम से कम तीन व्यक्ति लापता हैं। एनडीआरएफ और अन्य एजेंसियों की टीम लगातार तलाश अभियान में जुटी हुई हैं।
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने हादसे की गंभीरता को देखते हुए राज्य के सभी पुराने पुलों का गहन निरीक्षण करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही मुजपुर-गंभीरा पुल की मरम्मत, निरीक्षण और गुणवत्ता को लेकर एक विशेषज्ञ टीम से विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है।
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इस हादसे ने एक बार फिर राज्य में पुलों की स्थिति और उनकी निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सरकार अब राज्य भर में पुलों की सुरक्षा को लेकर सतर्क हो गई है और व्यापक जांच अभियान की शुरुआत की जा चुकी है।




