दंतेवाड़ा। जिले के प्रतिष्ठित “छू लो आसमां” विद्यालय की छात्राओं ने बुधवार को मूसलधार बारिश के बीच प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए नेशनल हाईवे को जाम कर दिया। छात्राएं अपने पुराने शिक्षकों की वापसी की मांग को लेकर दोपहर लगभग ढाई घंटे तक हाईवे पर डटी रहीं और लगातार नारेबाजी करती रहीं।
छात्राओं की मुख्य मांग थी कि उनके पुराने शिक्षकों को पुनः विद्यालय में पदस्थ किया जाए। प्रदर्शन के दौरान छात्राओं ने जिला प्रशासन से तत्काल आश्वासन की मांग की। उन्होंने जिला कलेक्टर से स्पष्ट बयान देने की अपील की कि एक अगस्त तक सभी पुराने शिक्षक “छू लो आसमां” स्कूल में वापस पदस्थ किए जाएंगे।
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प्रशासन और पुलिस की समझाइश बेअसर
शिक्षा विभाग के अधिकारियों और पुलिस द्वारा कई बार समझाने के बावजूद छात्राएं हाईवे से नहीं हटीं। प्रशासन के लिए यह विरोध प्रदर्शन काफी चुनौतीपूर्ण साबित हुआ। अंततः, अधिकारियों की कड़ी मशक्कत के बाद छात्राएं हाईवे से हटने को राजी हुईं।
प्रदर्शन की प्रेरणा बना जांच का विषय
इस विरोध प्रदर्शन को लेकर यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या इसके पीछे किसी शिक्षक की भूमिका रही है? अधिकारियों ने कहा कि यह मामला जांच के दायरे में है और यदि किसी शिक्षक द्वारा छात्राओं को उकसाने की बात सामने आती है, तो उसके खिलाफ सख्त प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।
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छात्राओं ने जताई शिक्षा विभाग से नाराज़गी
छात्राओं का आरोप है कि शिक्षा विभाग उनके भरोसे पर खरा नहीं उतरा है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि अब केवल कलेक्टर का भरोसा ही उनके लिए मायने रखता है। प्रदर्शनकारियों ने यह भी चेतावनी दी कि यदि 1 अगस्त तक उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो वे दोबारा आंदोलन के लिए बाध्य होंगी।
प्रशासन का आश्वासन
विरोध खत्म होने के बाद प्रशासन ने छात्राओं को आश्वासन दिया कि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा और जल्द ही समाधान की दिशा में कदम उठाए जाएंगे। साथ ही, यह भी स्पष्ट किया गया कि यदि प्रदर्शन में किसी शिक्षक की संलिप्तता पाई जाती है, तो उस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।




