लखनऊ। सुप्रीम कोर्ट प्रशासन ने भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ को दिया गया आधिकारिक बंगला खाली कराने के लिए केंद्र सरकार को पत्र लिखा है। कोर्ट प्रशासन ने केंद्रीय आवास मंत्रालय से अनुरोध किया है कि दिल्ली के प्रतिष्ठित बंगला नंबर 5, कृष्णा मेनन मार्ग को सुप्रीम कोर्ट के हाउस पूल में तुरंत वापस लिया जाए। सूत्रों के अनुसार, यह कदम नियम 3बी के तहत उठाया गया है, जिसके अनुसार सेवानिवृत्ति के छह महीने बाद तक ही आवास में रहने की अनुमति होती है।
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जस्टिस चंद्रचूड़ 10 नवंबर 2024 को सेवानिवृत्त हुए थे, और उन्हें दी गई आवासीय अनुमति 31 मई 2025 को समाप्त हो चुकी है। वहीं, नियमानुसार छह महीने की अधिकतम अवधि 10 मई 2025 को पूरी हो गई थी।
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सुप्रीम कोर्ट प्रशासन का कहना है कि पूर्व मुख्य न्यायाधीश अभी भी बंगले में रह रहे हैं, जो नियमों का उल्लंघन है। पत्र में कहा गया है कि अब और देरी नहीं की जा सकती और बंगले को तत्काल सुप्रीम कोर्ट के कार्यात्मक उपयोग में लाने की आवश्यकता है। यह पहली बार है जब सुप्रीम कोर्ट प्रशासन ने इस तरह का कदम उठाया है, जो न्यायपालिका में नियमों की कड़ाई से अनुपालन की मिसाल पेश करता है। सुप्रीम कोर्ट प्रशासन का यह रुख बताता है कि अब न्यायाधीशों के लिए सेवा से निवृत्त होने के बाद विशेषाधिकारों की सीमा तय की जा रही है।




