Telecommunication Act: देश में नया टेलीकॉम कानून लागू हो चुका है। नए नियम 26 जून से प्रभावी हो चुके हैं। नए टेलीकॉम कानून में टेक्नोलॉजी एडवांसमेंट पर काफी ज्यादा बात की गई है। इसमें पिछले कानून के कई नियमों में बदलाव किया गया है। नए नियमों के तहत सरकार के पास अब पहले से ज्यादा पावर है।
Telecommunication Act: इसमें इमरजेंसी के वक्त सरकार किसी भी टेलीकम्युनिकेशन सर्विस या नेटवर्क का कंट्रोल ले सकती है। इस नियम को लेकर जारी राजपत्र के अनुसार सरकार किसी टेलीकॉम सर्विस का कंट्रोल सुरक्षा कारणों, जनता के आदेश या अपराधों की रोकथाम के वक्त ले सकती है।
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Telecommunication Act: राज्य और केंद्र सरकार की अनुमति प्राप्त पत्रकारों के भेजे मैसेज को ऐसी परिस्थिति में सर्विलांस से बाहर रखा गया है। हालांकि, अगर किसी रिपोर्ट की वजह से देश की सुरक्षा में कोई खतरा होता है, तो उस पत्रकार की कॉल और मैसेज की मॉनिटरिंग की जा सकती है।
इसके अलावा एक बड़ा बदलाव लोगों के सिम कार्ड को लेकर है। कोई शख्स अपने नाम पर सिर्फ 9 SIM कार्ड ही रजिस्टर करा सकता है। वहीं जम्मू-कश्मीर और नॉर्थ ईस्ट स्टेट्स के लोगों के लिए ये संख्या 6 है। DoT के नियमों के हिसाब से भी किसी एक ID या आधार कार्ड पर सिर्फ 9 सिम कार्ड ही लिए जा सकते हैं।
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ज्यादा सिम कार्ड रखने पर लगेगा जुर्माना
तय संख्या से ज्यादा सिम कार्ड होने पर आप पर जुर्माना लग सकता है। पहली बार ये जुर्माना 50 हजार रुपये का है, जबकि दूसरी बार में ये 2 लाख रुपये है। फर्जी तरीके से SIM कार्ड लेने पर जुर्माना 50 लाख रुपये और 3 साल तक की कैद है।
वहीं यूजर की अनुमति के बिना टेलीकॉम ऑपरेटर के कमर्शियल मैसेज भेजने पर भी जुर्माना है। टेलीकम्युनिकेशन एक्ट 2023 के तहत कंपनी पर 2 लाख रुपये का जुर्माना लग सकता है। इसके साथ ही सरकार अब प्राइवेट प्रॉपर्टी में भी टावर लगाने और केबल बिछाने का आदेश दे सकती है।




