बिलासपुर। सिरगिट्टी के शराब दुकान और उसके अहाते को लेकर हाईकोर्ट ने अब प्रशासन को सख्त निर्देश दिए हैं। प्रशासन ने बुधवार को एक सुनवाई के दौरान बताया कि शराब दुकान का अहाता अब संचालित नहीं किया जाएगा। यह कदम नागरिकों की लगातार शिकायतों और हाईकोर्ट के हस्तक्षेप के बाद उठाया गया है, जो कि खासतौर पर मंदिर और आवासीय इलाकों के पास स्थित शराब दुकान के बारे में उठाई गई थी।
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स्थानीय नागरिकों ने कई बार ज्ञापन देकर इस दुकान को हटाने की मांग की थी, लेकिन पहले कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई थी। शराब पीने वालों की भीड़ और असुविधाओं के कारण आसपास के लोगों को परेशानी हो रही थी। हाईकोर्ट ने इस मामले को गंभीर मानते हुए स्वतः संज्ञान लिया और जनहित याचिका के रूप में इसे स्वीकार किया। कोर्ट ने यह पाया कि शराब दुकान सरकारी नियमों का उल्लंघन करते हुए अंडरब्रिज के पास और धार्मिक स्थानों के नजदीक स्थित है, जो कानून के खिलाफ है।
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सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा ने नाराजगी जाहिर की थी और नगर निगम आयुक्त से स्थिति की रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आदेश दिया था। इसके बाद, नगर निगम आयुक्त ने शपथ पत्र पेश किया था, जिसमें कहा गया था कि नियमित निरीक्षण और सफाई की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है। हालांकि, अदालत ने कहा कि वह इस मामले की निगरानी बनाए रखेगी और अब प्रशासन को शराब दुकान के अहाते को बंद करने के लिए शपथ पत्र के साथ औपचारिक जवाब पेश करने को कहा है।




