नई दिल्ली
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ब्रिक्स देशों के खिलाफ सख्त आर्थिक कदम उठाने की घोषणा की है। उन्होंने अपने ट्रुथ सोशल अकाउंट पर बयान जारी करते हुए कहा कि जो भी देश ब्रिक्स समूह का हिस्सा हैं या आगे इससे जुड़ते हैं, उन पर अमेरिका की ओर से 10 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ लगाया जाएगा। ट्रंप के इस बयान के बाद वैश्विक स्तर पर व्यापारिक हलचल तेज हो गई है।
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ब्रिक्स समूह में भारत, रूस, चीन, ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका जैसे प्रमुख देश शामिल हैं। भारत भी इसका एक महत्वपूर्ण सदस्य है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इन दिनों ब्राजील के रियो डी जेनेरियो में आयोजित 17वें ब्रिक्स सम्मेलन में भाग लेने पहुंचे हैं। ऐसे में ट्रंप का यह बयान भारत के लिए भी चिंता का विषय बन सकता है।
ट्रंप ने साफ किया है कि ब्रिक्स की नीतियों के जरिए जो देश अमेरिका विरोधी रुख अपनाते हैं, उन पर यह टैरिफ बिना किसी छूट के लागू किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि यह कदम अमेरिका की आर्थिक सुरक्षा के लिए आवश्यक है और इसमें किसी प्रकार की नरमी नहीं बरती जाएगी।
भारत और अमेरिका के बीच इस समय एक महत्वपूर्ण अंतरिम व्यापार समझौता भी लंबित है। भारत की ओर से कृषि और डेयरी जैसे संवेदनशील क्षेत्रों को लेकर अपनी शर्तें स्पष्ट कर दी गई हैं। अब अमेरिका को इस समझौते पर अंतिम निर्णय लेना है।
ऐसा माना जा रहा है कि यदि दोनों देशों के बीच इन लंबित मुद्दों पर सहमति बनती है, तो नौ जुलाई से पहले इस समझौते की औपचारिक घोषणा की जा सकती है। हालांकि ट्रंप के ताजा बयान ने इस प्रक्रिया को लेकर अनिश्चितता बढ़ा दी है।




