Durg Latest Hindi News: वैशाली नगर विधायक रिकेश सेन ने जानलेवा प्रतिबंधित चायनीज मांझा की खरीदी-बिक्री पर रोक लगाने की मांग की है। इस संदर्भ में उन्होंने आईजी दुर्ग रेंज, रामगोपाल गर्ग से चर्चा की और चायनीज मांझा बेचने वाले व्यवसायियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की आवश्यकता जताई। साथ ही, क्षेत्र के व्यवसायियों से चायनीज मांझा की खरीदी और बिक्री न करने की अपील की है।
विधायक रिकेश सेन ने बताया कि जानकारी मिली है कि भिलाई दुर्ग के बाजारों में चायनीज मांझा फिर से बिकने लगा है। उन्होंने कहा कि पतंग उड़ाना हमारी परंपरा है, लेकिन इस खतरनाक मांझे के कारण पशु-पक्षी और इंसान भी गंभीर रूप से घायल हो जाते हैं। ऐसे हादसों की आशंका को देखते हुए इस विषय पर तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता पड़ी।
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Durg Latest Hindi News: उन्होंने बताया कि नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने 2017 में चायनीज मांझा की बिक्री पर देशभर में प्रतिबंध लगा दिया था, यह आदेश पीपल्स फॉर एथिकल ट्रीटमेंट ऑफ एनिमल (PETA) की याचिका पर दिया गया था। इसके बाद मांझा बनाने वाली कंपनियां सुप्रीम कोर्ट गईं, लेकिन उन्हें राहत नहीं मिल पाई। चायनीज मांझे से होने वाली घटनाओं में अक्सर पुलिस कोर्ट में अनट्रेस रिपोर्ट दाखिल करती रही है।
विधायक सेन ने कहा कि मकर संक्रांति और अन्य पर्वों पर चायनीज मांझा के उपयोग से पक्षियों के अलावा सड़क पर पैदल चलने वाले और दुपहिया वाहन पर चलने वाले लोग भी बुरी तरह से घायल हो जाते हैं। उन्होंने बताया कि चायनीज मांझा, जो प्लास्टिक और अन्य सिंथेटिक पदार्थ से बनता है, या उसमें लोहा, ग्लास जैसे जहरीले पदार्थ मिलाए जाते हैं, उनकी थोक और खुदरा बिक्री को प्रतिबंधित किया गया है।
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Durg Latest Hindi News: आईजी दुर्ग रेंज से चर्चा के बाद विधायक ने बताया कि पहले पुलिस आईपीसी की धारा 188 (सरकारी आदेश की अवहेलना) के तहत मामला दर्ज करती थी, जिसमें एक माह की सजा या 200 रुपये जुर्माना या दोनों हो सकते थे। अब भारतीय न्याय संहिता (BNS) 223 (बी) के तहत केस दर्ज किए जा सकते हैं, जिसमें एक साल की सजा या पांच हजार रुपये जुर्माना या दोनों हो सकते हैं। इसके अतिरिक्त, पुलिस एनवायरनमेंट प्रोटेक्शन एक्ट के तहत भी कार्रवाई कर सकती है।




