गरियाबंद। छत्तीसगढ़ के देवभोग ब्लॉक स्थित माहुलकोट के आश्रित ग्राम बोईरपारा में पेयजल संकट से जूझ रहे ग्रामीणों का गुस्सा शनिवार को फूट पड़ा। लंबे समय से बोरिंग की मांग कर रहे ग्रामीणों की समस्या अनसुनी होने पर उन्होंने नेशनल हाइवे 130 सी को जाम कर दिया। बारिश की परवाह किए बिना महिला-पुरुष सड़क पर उतर आए और अपने बर्तन सड़क पर कतार में रखकर विरोध दर्ज कराया।
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ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कई बार पेयजल संकट को लेकर प्रशासन से गुहार लगाई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। आखिरकार, नाराज ग्रामीणों ने हाईवे जाम कर प्रशासन को चेतावनी दी कि जब तक उनकी मांग नहीं मानी जाएगी, वे सड़क नहीं छोड़ेंगे। घटना की जानकारी मिलते ही जिला पंचायत अध्यक्ष गौरीशंकर कश्यप ने एसडीएम तुलसीदास से बात की। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझाने की कोशिश की। हालांकि, ग्रामीण अपनी मांग पर अड़े रहे।
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इस बीच जिला पंचायत अध्यक्ष गौरीशंकर कश्यप ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि जल्द ही बोरिंग की व्यवस्था की जाएगी और कार्य प्रारंभ किया जाएगा। आश्वासन के बाद कुछ हद तक स्थिति शांत हुई, लेकिन ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। यह घटना प्रशासनिक लापरवाही की ओर इशारा करती है और ग्रामीण इलाकों में बुनियादी सुविधाओं की स्थिति पर सवाल खड़े करती है।




