दुर्ग। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत ग्रामीणों को लाभ दिलाने के बहाने ठगी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। आरोपी चेतन कुमार वर्मा ने खुद को बैंक अधिकारी बताकर अलग-अलग गांवों में जाकर ग्रामीणों को लोन दिलाने का झांसा दिया और उनसे भारी रकम ऐंठी। इस धोखाधड़ी का खुलासा ग्रामीण निजेंद्र बारले की शिकायत के बाद हुआ, जिसके बाद बोरी थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
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मिली जानकारी के अनुसार, चेतन कुमार वर्मा अपनी कार लेकर दूर-दूर तक गांव-गांव जाता था और प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत लोन दिलाने के नाम पर ग्रामीणों से फॉर्म भरवाता था। इसके बाद वह ऑनलाइन ट्रांजैक्शन के जरिए उनसे ठगी करता था। ठगी में वह अपने साथी अतेश गंजीर का मोबाइल स्कैनर भी इस्तेमाल करता था, जो राजनांदगांव जिले के फरहाद का निवासी है। दोनों आरोपी ठगी की रकम आपस में बराबर बांट लेते थे।
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ग्रामीण निजेंद्र बारले ने इस धोखाधड़ी का पर्दाफाश किया, जिससे पुलिस ने मामले की गंभीरता को समझते हुए तत्काल कार्रवाई की। बोरी थाना पुलिस ने चेतन कुमार वर्मा और अतेश गंजीर को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। पुलिस का कहना है कि इस तरह के कई अन्य ग्रामीण भी ठगी का शिकार हो सकते हैं और इस मामले की गहनता से जांच जारी है ताकि और पीड़ितों का पता लगाया जा सके।




