जुलाई की शुरुआत के साथ ही भारतीय रेलवे ने यात्रियों की सुविधा और टिकटिंग प्रक्रिया को लेकर कई बड़े बदलाव किए हैं, जो 1 जुलाई 2025 से प्रभावी हो गए हैं। ये बदलाव न केवल यात्रियों की यात्रा को आसान बनाएंगे, बल्कि रेलवे की बुकिंग प्रणाली को और अधिक पारदर्शी और सुरक्षित भी बनाएंगे। अगर आप ट्रेन से सफर करते हैं, तो इन नियमों को जानना आपके लिए जरूरी है।
1. वेटिंग लिस्ट की सीमा बढ़ाई गई
अब AC कोच में वेटिंग लिस्ट की सीमा 25% से बढ़ाकर 60% कर दी गई है। वहीं, नॉन-AC और सेकंड क्लास कोच में वेटिंग लिमिट को कुछ बर्थ की कुल क्षमता के 30% तक संशोधित किया गया है। इससे अधिक यात्रियों को कन्फर्म टिकट मिलने की संभावना बढ़ेगी।
2. अब 8 घंटे पहले बनेगा चार्ट
अब से ट्रेन रवाना होने से 8 घंटे पहले रिजर्वेशन चार्ट तैयार किया जाएगा। पहले यह समय लगभग 4 घंटे होता था। यह बदलाव यात्रियों को यात्रा से पहले अपनी टिकट स्थिति जानने में मदद करेगा।
3. तत्काल बुकिंग के लिए आधार अनिवार्य
अब तत्काल टिकट की बुकिंग के लिए आधार कार्ड अनिवार्य कर दिया गया है। चाहे टिकट ऑनलाइन बुक हो या काउंटर से, आधार से जुड़ी यूज़र आईडी का उपयोग जरूरी होगा। 15 जुलाई से बुकिंग पूरी करने के लिए OTP वेरिफिकेशन भी अनिवार्य किया जाएगा।
4. एजेंट 30 मिनट तक नहीं कर सकेंगे बुकिंग
एजेंट अब खिड़की खुलने के पहले 30 मिनट तक तत्काल टिकट बुक नहीं कर पाएंगे। यह नियम आम यात्रियों को प्राथमिकता देने के उद्देश्य से लागू किया गया है।
5. किराये में मामूली बढ़ोतरी
रेलवे ने नॉन-AC मेल/एक्सप्रेस ट्रेनों के किराए में 0.01 रुपये प्रति किमी और AC कोच में 0.02 रुपये प्रति किमी की बढ़ोतरी की है। हालांकि 500 किमी तक की सेकेंड क्लास टिकट और मंथली पास की कीमत में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
6. सुरक्षा बढ़ाई गई
बुकिंग प्रक्रिया को सुरक्षित करने के लिए आधार आधारित यूजर वेरिफिकेशन सिस्टम को और मजबूत किया गया है।
7. पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू हुआ विस्तार
इन सभी बदलावों को चरणबद्ध तरीके से पूरे देश में लागू किया जा रहा है। कुछ ट्रेनों में यह बदलाव पहले ही लागू किए जा चुके हैं।
रेल यात्रियों के लिए ये बदलाव यात्रा अनुभव को बेहतर बनाने की दिशा में बड़ा कदम साबित होंगे।




