नई दिल्ली
गाजा पट्टी में इजरायली हमले लगातार तेज होते जा रहे हैं और अब ये हमले आम नागरिकों की जिंदगी को बुरी तरह प्रभावित कर रहे हैं। सोमवार को गाजा के समंदर किनारे स्थित अल-बाका कैफे पर हुए अचानक हमले में कम से कम 30 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। हमले के प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कोई चेतावनी या सायरन नहीं बजा, बस एकाएक विमान ने हमला किया और कैफे दहल उठा, जैसे भूकंप आ गया हो।
भयानक मंजर, जगह-जगह लाशें
सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में देखा जा सकता है कि हमले के बाद कैफे के बाहर खून से लथपथ शव पड़े हुए थे। कई घायलों को कंबलों में लपेटकर बाहर ले जाया गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अल-बाका कैफे उन गिने-चुने स्थानों में था जहां लोग खाना खा सकते थे, मोबाइल चार्ज कर सकते थे और इंटरनेट इस्तेमाल कर सकते थे।
एक दिन में 74 मौतें, हालात बेकाबू
एपी समाचार एजेंसी के अनुसार, सिर्फ सोमवार को इजरायली हमलों में गाजा में 74 लोग मारे गए। इनमें से 30 मौतें अल-बाका कैफे में हुईं, जबकि अन्य शहर के अलग-अलग हिस्सों में मारे गए। गाजा सिटी की सड़क पर हुए दो अन्य हमलों में 15 लोगों की मौत हुई, जिसकी पुष्टि शिफा अस्पताल ने की है। वहीं, अल-अक्सा अस्पताल के मुताबिक, ज़ावैदा शहर के पास एक इमारत पर हुए हमले में 6 लोग मारे गए।
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भोजन की तलाश में निकले लोगों पर हमला
गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दक्षिणी गाजा में खान यूनिस के पास 11 ऐसे लोगों की मौत हुई जो भोजन की तलाश में निकले थे। नासेर अस्पताल ने बताया कि ये लोग जरूरतमंदों तक मदद पहुंचाकर लौट रहे थे, लेकिन रास्ते में ही उन्हें निशाना बनाया गया।
संयुक्त राष्ट्र की चेतावनी
संयुक्त राष्ट्र के एक वरिष्ठ अधिकारी ने गाजा में मानवीय संकट के गहराते हालात पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि इजरायली सैन्य कार्रवाई से न केवल हजारों निर्दोष जानें जा रही हैं, बल्कि क्षेत्र का संपूर्ण बुनियादी ढांचा भी बर्बाद हो रहा है।
गाजा में हालात हर दिन बदतर हो रहे हैं और आम नागरिक इस युद्ध का सबसे बड़ा शिकार बनते जा रहे हैं।




