CG NEWS: छत्तीसगढ़ में GRP के एक आरक्षक ने अपना ईमान बेचकर अपनी शान-ओ-शौकत कुछ इस तरह बनाया कि बड़े-बड़े अधिकारी भी उसके सामने पानी भरने लगे. महज चालीस हज़ार की वेतन पाने वाला आरक्षक अचानक करोड़ों के बंगले में रहने लगा. हार्ली डेविडसन की बाइक और मर्सडीज बेंज क्लास की सवारी, बंगले के बहार एक्सपेंसिव गाड़ियों के कलेक्शन देख लोग भी आश्चर्य थे कि आखिर आरक्षक के पास पैसों की बारिश कहां से हो रही है? फिर एक दिन सामने आया काला सच!
दरअसल, GRP ने गांजा तस्करी को रोकने के लिए एंटी क्राइम टीम का गठन किया था. इसमें शामिल आरक्षक लक्ष्मण गाइन, संतोष राठौर, सौरभ नागवंशी और मन्नू प्रजापति ने गांजा तस्करी पर नकेल कसने के बजाए. गांजा तस्करों से हाथ मिला लिया था और तो और खुद गांजे की सप्लाई भी करने लगे थे. इन सभी के खिलाफ ख़ुफ़िया विभाग में शिकायत हुई थी. गोपनीय जांच में चारों की गांजा तस्करी में संलिप्ता पाई गई थी. ख़ुफ़िया विभाग ने अपने जांच में पाया कि 45 बैंक खाते बरामद किए हैं. आरोपियों ने अपने रिश्तेदारों और परिचितों के नाम बैंक खाता खुलवाया, जिसे वे खुद ऑपरेट करते थे. इन खातों के जरिए गांजा तस्करों से 15 करोड़ के लेनदेन का खुलासा हुआ है.
ख़ुफ़िया विभाग की डायरी के आधार पर डीजीपी अशोक जुनेजा ने कार्यवाही के लिए बिलासपुर पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह को निर्देशित किया. इसके बाद इस मामले में चारों आरक्षकों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर गांजा तस्करी में संलिप्तता पाए जाने पर एनडीपीएस एक्ट के तहत गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया. मामले की जांच के दौरान मिले क्लू के आधार पर पुलिस टीम ने वेस्ट बंगाल में दबिश देकर श्यामधर चौधरी उर्फ छोटू को गिरफ्तार किया. उसे शहर लाकर दो दिन तक पुलिस रिमांड पर पूछताछ की गई, और बाद में उसे जेल भेज दिया गया.
जानकारी के मुताबिक आरक्षक लक्ष्मण गाइन ड्रग्स तस्करी के मामले में वर्ष 2018 में रायपुर से गिरफ्तार हुआ था. तब उसकी पोस्टिंग रायपुर जीआरपी में थी. डेढ़ साल बाद जेल से रिहा होने पर उसका तबादला बिलासपुर जीआरपी थाने में हुआ. जहां उसे जीआरपी एंटी क्राइम में शामिल कर लिया गया, उसके बाद उसने तीन आरक्षकों के साथ मिलकर ट्रेन में गांजा तस्करी का खेल शुरू किया, आरोपी पुलिसकर्मी गांजा तस्करों को पकड़ने के बाद उन्हें छोड़ देते थे, और जब्त गांजा को बेच देते थे. उन्होंने ओडिशा और वेस्ट बंगाल के गांजा डीलरों से संपर्क किया और खुद गांजा मंगाकर तस्करी करने लगा.
बताया जाता है कि आरक्षकों को जीआरपी और पीएचक्यू के अधिकारियों का संरक्षण मिला हुआ था. वहीं 40 हजार रुपए वेतन पाने वाले गिरफ्तार आरक्षक लक्ष्मण गाइन के पास करोड़ों की संपत्ति का खुलासा हुआ है. उसके पास सबसे महंगी बाइक हार्ले डेविडसन है, इसके अलावा हुंडई वरना, मर्सिडीज, स्वीफ्ट, हैरियर सहित चार लग्जरी कारें हैं. बिलासपुर के सरकंडा क्षेत्र के कंचन विहार में करोड़ों रुपए के मकान और प्लॉट है.
इधर इस मामले में एसपी रजनेश सिंह का कहना है, कि जीआरपी के चारों आरक्षकों को गिरफ्तार कर जेल भेजने के बाद जांच जारी है, आरोपी आरक्षकों को गांजा की साप्लाई करने वाले डीलर को वेस्ट बंगाल से गिरफ्तार किया गया है. मामले की जांच के बाद आगे कार्रवाई की जाएगी.




