Fraud in PM Housing Scheme: सक्ती जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। आरोप है कि इस योजना का लाभ जरूरतमंद गरीब परिवारों तक पहुंचाने की जिम्मेदारी निभाने वाले रोजगार सहायक ने कर्तव्यों का उल्लंघन करते हुए फर्जी तरीके से जिओ टैगिंग कर सरकारी धन को हड़प लिया। इतना ही नहीं, उन्होंने इन फर्जी आवासों के नाम पर पैसे निकालने के बाद खुद भारी कमीशन भी लिया।
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Fraud in PM Housing Scheme: सक्ती जिले के ग्राम हरेठी में कई हितग्राहियों के नाम से इस प्रकार का फर्जीवाड़ा किया गया, जिससे सरकारी खजाने को काफी नुकसान हुआ है। इस मामले में संलिप्तता के आरोप जनपद के कुछ अधिकारियों पर भी लगाए जा रहे हैं। ग्राम हरेठी के निवासी जय कुमार की शिकायत पर मामले की जांच शुरू की गई, जिसमें कई हितग्राही भी सामने आए और फर्जीवाड़े की पुष्टि की गई।
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Fraud in PM Housing Scheme: मामले की जांच करने पहुंचे जनपद अधिकारी गौरीशंकर चौधरी और मधुसूदन पटेल ने अब तक अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं की है, जिससे मामला और भी संदिग्ध हो गया है। ऐसे में यह सवाल उठता है कि जब जांच का जिम्मा उन अधिकारियों को सौंपा गया है, जिनके बारे में यह आरोप हैं कि वे स्वयं इस घोटाले में शामिल हो सकते हैं, तो निष्पक्ष जांच की उम्मीद कैसे की जा सकती है?
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सक्ती जनपद की सीईओ प्रीति पवार ने इस मामले में जानकारी देते हुए बताया कि हरेठी पंचायत में रोजगार सहायक अजय बरेठ द्वारा गड़बड़ी की शिकायत मिली थी, जिसके बाद एक टीम गठित कर जांच कराई गई है। हालांकि, जांच टीम ने अब तक अपना प्रतिवेदन नहीं सौंपा है। पवार ने यह भी कहा कि जैसे ही जांच प्रतिवेदन प्राप्त होगा, दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी और इस मामले को सख्ती से निपटाया जाएगा




