Latest News in Korba: कोरबा में जिले के नकिया गांव के उपस्वास्थ्य केन्द्र नकिया की महिला स्वास्थ्य कर्मी ने सुरक्षित प्रसव कराया है। बीमार सिस्टम और लाचार मरीज का यह वाकया जिला और खंड मुख्यालय के दूरस्थ ग्राम पंचायत नकिया का है। उपस्वास्थ्य केन्द्र नकिया से 6 किलोमीटर दूर पहाड़ी कोरवा बसाहट खम्हन में स्थित है।
बीती रात घने जंगल से प्रसव पीड़ा से कराहती शनियारी बाई अपने पति नवल साय पहाड़ी कोरवा के साथ निजी साधन से उपस्वास्थ्य केन्द्र नकिया आए।जांच करने पर स्पष्ट हो गया कि प्रसव की घड़ी भी आ चुकी है। ऐसे में स्वास्थ्य कर्मियों ने केस किसी दूसरे केंद्र में भेजने का रिस्क उठाना उचित नहीं समझा। इससे समय बर्बाद होने से जच्चा और बच्चा दोनों की जिंदगी को खतरा हो सकता था। ऐसे में बिजली नहीं होने की विषम परिस्थिति होते हुए भी यहां ड्यूटी पर मौजूद महिला स्वस्थकर्मी ने बिजली की वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में अपने निजी वाहन की बैटरी निकाली और जैसे तैसे बिजली की जुगत की। बैटरी से कमरे में बल्ब और अपने मोबइल टॉर्च की रोशनी से किसी तरह सुरक्षित प्रसव सम्पादित कराया।
Read Also- Train Cancelled News: रायपुर से गुजरने वाली एक्सप्रेस ट्रेन नौ दिनों तक रहेगी रद्द…
Latest News in Korba: नकिया उप स्वास्थ्य केंद्र में शासन-प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग द्वारा आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र को स्वास्थ्यगत समस्याओं से उबारने और छोटी मोटी बीमारियों को समय पर नजदीक के उपस्वास्थ्य केंद्र की सुविधा दी है। उन्हें त्वरित उपचार मिल सके, इसी ध्येय से अस्पताल भवन दिया और स्वास्थ्यकर्मी भी नियुक्त किए हैं, जो विभागीय जिम्मेदारियों का निर्वहन भलीभांति कर रहे हैं, लेकिन विडंबना यह है कि आज तक इस उपस्वास्थ्य केंद्र में मूलभूत संसाधनों का अभाव है। अस्पताल आज भी बिना सुरक्षा बाउंड्री के पड़ा है। पानी और बिजली जैसी मुख्य सुविधा से अछूता है। गांव में आज भी न तो सीएसईबी की परम्परागत बिजली और न ही सौर ऊर्जा की जुगत ही उपलब्ध कराई जा सकी है।
ऐसे में यहां रहने वाला चिकित्सकीय स्टॉफ ही नहीं आम ग्रामीण भी कठिनाइयों में जी रहे हैं। दिन के समय सूरज की रोशनी में अपना दैनिक कार्य तो सम्पादित कर लेते हैं, पर दिन डूबते ही रात के अंधेरे में कई प्रकार की समस्याओं से जूझना तो जैसे इनकी किस्मत बन गई है। स्वास्थ्य केंद्र के लिए स्थिति तब और भी कठिन हो जाती है जब रात के अंधेरे में कोई प्रसव केस आ जाए या चोटिल मरीज अस्पताल पहुंचता है। ऐसी परिस्थितियों से यहां निवासरत स्टॉफ को आए दिन सामना करना पड़ता है।
Read Also- सभापति धनखड़ के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर हुई तीखी बहस, कांग्रेस ने बीजेपी पर लगाया आरोप …
Latest News in Korba: इस मामले में जिला स्वास्थ्य अधिकारी एस एन केसरी ने बताया कि गांव में शुरू से ही बिजली नहीं है इसके लिए व्यवस्था करने पत्राचार किया गया है जहां डीएफएफ फंड के माध्यम से सौर ऊर्जा लगाने की व्यवस्था की जा रही है। प्रसव के दौरान बिजली व्यवस्था नहीं होने के कारण टॉर्च और बाइक के बैटरी के माध्यम से लाइट जलाया गया और प्रसव कराया गया जहां सुरक्षित प्रसव हुआ है और जच्चा और बच्चा दोनों स्वस्थ हैं।




