Chhattisgarh High Court decision: छत्तीसगढ़ में मेडिकल पीजी प्रवेश प्रक्रिया को निरस्त करते हुए उच्च न्यायालय ने नए सिरे से काउंसलिंग कराने के निर्देश दिए हैं। इस फैसले से सभी प्रभावित उम्मीदवारों को लाभ मिलेगा।
डॉ. यशवंत राव और डॉ. पी. राजशेखर ने सेवारत श्रेणी में अपात्र उम्मीदवारों को शामिल करने के मामले में हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि नियमों के अनुसार, सेवारत श्रेणी में पात्रता के लिए उम्मीदवार को कम से कम तीन वर्षों की सेवा पूरी करनी अनिवार्य है। लेकिन काउंसलिंग के दौरान कई अपात्र उम्मीदवारों को सेवारत श्रेणी में शामिल किया गया। शिकायत के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं होने पर याचिका दायर की गई।
Read Also- पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल, 107 पुलिसकर्मियों का तबादला
Chhattisgarh High Court decision: सुनवाई के दौरान, राज्य शासन की ओर से महाधिवक्ता ने कोर्ट के समक्ष स्वीकार किया कि शिकायत प्रथम दृष्टया सही प्रतीत हो रही है। कोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि पूरे मामले में तत्काल शपथपत्र प्रस्तुत करें और याचिकाकर्ताओं को इसकी प्रति उपलब्ध कराई जाए, ताकि वे उचित प्रत्युत्तर दाखिल कर सकें।
Chhattisgarh High Court decision: चीफ जस्टिस रमेश कुमार सिन्हा और जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने पाया कि निजी उम्मीदवार को कट ऑफ तारीख के बाद सीट आवंटित की गई, जो नियमों का उल्लंघन है। कोर्ट ने स्ट्रे राउंड काउंसलिंग पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी और स्पष्ट किया कि यह आदेश केवल व्यक्तिगत रूप से नहीं, बल्कि समान स्थिति वाले सभी उम्मीदवारों पर लागू होगा।




