अहमदाबाद। एयर इंडिया के बोइंग 787 ड्रीमलाइनर (एआई 171) विमान की भयंकर दुर्घटना के बाद अब तक कुल 270 शव अहमदाबाद के सिविल अस्पताल में लाए जा चुके हैं। यह विमान गुरुवार दोपहर सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से उड़ान भरने के कुछ ही मिनटों बाद मेघाणी नगर में बीजे मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल और कैंटीन परिसर में दुर्घटनाग्रस्त हो गया था।
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अस्पताल के चिकित्सकों ने शनिवार को बताया कि अहमदाबाद फायर ब्रिगेड एवं इमरजेंसी सर्विस (एएफईएस) ने पिछले 24 घंटों में एक और शव और कुछ मानव शरीर के अंग बरामद किए हैं। इससे पहले मृतकों की संख्या 265 बताई गई थी। जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. धवल गामेती ने बताया कि डीएनए मिलान की प्रक्रिया के बाद ही शवों की शिनाख्त कर रिश्तेदारों को सौंपा जाएगा।
अतिरिक्त मुख्य अग्निशमन अधिकारी जयेश खड़िया ने बताया कि फोरेंसिक और विमानन विशेषज्ञों के सहयोग से जारी जांच के दौरान कैंटीन के मलबे से शुक्रवार को कई शव मिले, जबकि शनिवार को एक और शव बरामद हुआ। दुर्घटना स्थल पर राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) की टीम भी राहत कार्यों में सहायता के लिए तैनात है। एनएसजी कमांडो हॉस्टल की इमारत में विमान के फंसे हिस्से के पास नजर आए। जांच में विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (एएआईबी), नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए), अहमदाबाद पुलिस, अपराध शाखा और राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) शामिल हैं। एनआईए ने शुक्रवार को घटनास्थल का निरीक्षण भी किया।
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नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने दिल्ली में बताया कि केंद्रीय गृह सचिव की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समिति गठित की गई है, जो दुर्घटना के कारणों की जांच करेगी और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार करेगी। समिति तीन महीने में अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। बीजे मेडिकल कॉलेज की डीन मीनाक्षी पारीख ने बताया कि एआईबी जांच के लिए क्षतिग्रस्त छात्रावासों को खाली कराए जा रहे हैं। कॉलेज ने वहां रहने वाले स्नातकोत्तर छात्रों के लिए वैकल्पिक आवास की व्यवस्था भी कर दी है।




