रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने स्कूल शिक्षा के क्षेत्र में एक और बड़ा कदम उठाते हुए राज्य के 1227 व्याख्याता शिक्षकों को पदोन्नति की है। स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा 23 जुलाई को इन पदोन्नतियों के आदेश जारी किए गए। संबंधित व्याख्याताओं की पदस्थापना काउंसिलिंग के माध्यम से की जाएगी, जिससे पारदर्शी और न्यायसंगत प्रक्रिया सुनिश्चित हो सके।
इन व्याख्याताओं में हिन्दी, अंग्रेज़ी, संस्कृत, गणित, भौतिकी, रसायन, जीवविज्ञान, राजनीति शास्त्र, इतिहास, भूगोल, अर्थशास्त्र और वाणिज्य जैसे प्रमुख विषयों के शिक्षक शामिल हैं। यह निर्णय राज्य सरकार की उस प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जिसके तहत शिक्षकों को उनकी कार्यकुशलता, वरिष्ठता और योग्यता के आधार पर समय पर पदोन्नति व अवसर दिए जा रहे हैं।
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मुख्यमंत्री के निर्देश पर हो रहा त्वरित सुधार
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार शिक्षा व्यवस्था में गुणात्मक सुधार की दिशा में तेजी से कार्य कर रही है। शिक्षकों की पदोन्नति से न केवल उनका मनोबल बढ़ेगा, बल्कि शिक्षा व्यवस्था भी और अधिक सुदृढ़ होगी। सरकार का स्पष्ट उद्देश्य है कि योग्य शिक्षकों को समय पर प्रोत्साहन मिले और राज्य के विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा मिल सके।
एक वर्ष में 7000 से अधिक पदोन्नतियाँ, प्रयोगात्मक शिक्षा को मिला बल
उल्लेखनीय है कि बीते एक वर्ष में स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा जिला एवं संभाग स्तर पर लगभग 7000 शिक्षकों की पदोन्नति की जा चुकी है। इसके साथ ही 2621 सहायक शिक्षक (विज्ञान प्रयोगशाला) की सीधी भर्ती भी काउंसिलिंग प्रक्रिया के माध्यम से की गई है, जिससे स्कूलों में विज्ञान एवं प्रयोगात्मक शिक्षा को मजबूती मिली है।
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2900 प्राचार्यों को भी मिल चुकी है पदोन्नति
सरकार द्वारा 30 अप्रैल को लगभग 2900 प्राचार्यों के पदोन्नति आदेश भी जारी किए जा चुके हैं। इन पदोन्नत प्राचार्यों की पदस्थापना भी शीघ्र ही काउंसिलिंग के माध्यम से की जाएगी, ताकि स्थान-आवश्यकता और योग्यता के अनुरूप समुचित व्यवस्था सुनिश्चित हो सके।
ई संवर्ग का मामला न्यायालय में लंबित
वहीं, ई संवर्ग के प्राचार्यों से संबंधित प्रकरण फिलहाल माननीय न्यायालय में विचाराधीन है। न्यायालय के निर्णय के पश्चात राज्य सरकार द्वारा समयबद्ध रूप से आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।




