दुर्ग। जिले में अपराध और दहशत फैलाने वाले कुख्यात बदमाश संगीत मधुकर उर्फ टेटे पर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। दुर्ग कलेक्टर अभिजीत सिंह ने उसे राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत तीन महीने के लिए जेल भेजने का आदेश दिया। पुरानी भिलाई के पथर्रा वार्ड क्रमांक-05 का 28 वर्षीय यह आरोपी लंबे समय से आपराधिक गतिविधियों में सक्रिय था और इलाके में दहशत का माहौल बनाए हुए था।
लगातार अपराधों में शामिल
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल की रिपोर्ट के अनुसार, आरोपी वर्ष 2015 से लगातार अपराधों में संलिप्त रहा है। उस पर अब तक कुल 18 आपराधिक प्रकरण दर्ज किए जा चुके हैं। इनमें 11 मामले मारपीट और जान से मारने की धमकी से जुड़े हैं, जबकि 7 मामले पशु तस्करी के हैं।
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गवाही देने से डरते थे लोग
पुलिस की रिपोर्ट में बताया गया कि टेटे लोगों को रोककर उनसे दादागिरी करता और धारदार हथियारों से हमला करने से भी नहीं हिचकता था। उसकी खौफनाक छवि और दबंगई के कारण लोग उसके खिलाफ गवाही देने से कतराते थे। यही वजह थी कि उसके खिलाफ दर्ज मामलों में न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित होती रही।
कानून-व्यवस्था के लिए खतरा
एएसपी पद्मश्री तंवर ने बताया कि आरोपी की आपराधिक गतिविधियां कानून-व्यवस्था के लिए गंभीर खतरा बन चुकी थीं। इसी आधार पर एसएसपी ने जुलाई 2025 में जिला दंडाधिकारी को रासुका के तहत कार्रवाई की अनुशंसा की थी। कलेक्टर ने 28 अगस्त को आदेश जारी किया, जिसके बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
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क्या है रासुका?
राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) वर्ष 1980 से लागू है। इस कानून के तहत ऐसे व्यक्तियों को हिरासत में लिया जा सकता है, जो राष्ट्रीय सुरक्षा, शांति और लोक व्यवस्था के लिए खतरा पैदा करते हों। इसकी सबसे सख्त विशेषता यह है कि आरोपी को बिना आरोप तय किए अधिकतम 12 महीने तक जेल में रखा जा सकता है।




