बिलासपुर। शहर की पानी सप्लाई अगले 15 दिनों तक प्रभावित रहेगी। अमृत मिशन योजना के तहत मिलने वाली सरफेस वॉटर सप्लाई को आज 21 नवंबर से बंद कर दिया गया है। जल संसाधन विभाग द्वारा खूंटाघाट जलाशय की मुख्य दायीं तट नहर में बड़े स्तर पर हो रहे रिसाव की मरम्मत के लिए यह कदम उठाया गया है। इस दौरान जलाशय से अमृत मिशन ट्रीटमेंट प्लांट तक पानी की आपूर्ति पूरी तरह रोक दी गई है।
लगातार सीपेज से बढ़ा जल नुकसान, 30 मीटर क्षेत्र में होगी मरम्मत
विभाग के अनुसार नहर की लगभग 30 मीटर लंबाई में लंबे समय से सीपेज की समस्या बढ़ती जा रही थी, जिसके चलते जल का भारी नुकसान हो रहा था। इसे देखते हुए नहर की मरम्मत तुरंत शुरू करने का निर्णय लिया गया। इस नहर के माध्यम से अमृत मिशन योजना के जरिए करीब 40,000 घरों तक ट्रीटेड पानी पहुंचाया जाता है। मरम्मत अवधि के दौरान यह सप्लाई पूरी तरह बंद रहेगी, जिससे शहरवासियों को पानी के संकट का सामना करना पड़ सकता है।
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निगम की वैकल्पिक व्यवस्था: ट्यूबवेल और टैंकरों पर निर्भरता
नगर निगम ने स्थिति को संभालने के लिए वैकल्पिक जल आपूर्ति की योजना बनाई है। लगभग 37,000 घरों में ग्राउंड वाटर की सप्लाई ट्यूबवेल के माध्यम से की जाएगी। बड़ी टंकियों को पहले ट्यूबवेल से भरा जाएगा और फिर छोटी टंकियों के जरिए घरों में पानी पहुंचाया जाएगा। जिन क्षेत्रों में पानी की कमी अधिक रहने की संभावना है, वहां टैंकरों से सप्लाई बढ़ाई जाएगी।
अधिकारियों का कहना है कि शहर में प्रतिदिन लगभग 31 एमएलडी पानी की जरूरत होती है। सरफेस वॉटर सप्लाई बंद हो जाने से इस आवश्यकता की पूर्ति चुनौतीपूर्ण होगी और नागरिकों को जल संकट झेलना पड़ सकता है।
कम होगी वाटर सप्लाई की टाइमिंग
सीमित जल उपलब्धता को देखते हुए निगम ने सुबह और शाम की सप्लाई के समय में कटौती करने का निर्णय लिया है। दोनों समय की सप्लाई में 30 मिनट से 1 घंटे तक की कमी की जा सकती है। यह कदम उपलब्ध पानी को अधिक समय तक बनाए रखने के लिए उठाया गया है।
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ठंड का मौसम चुनने के पीछे कारण
अधिकारियों के अनुसार, नहर की मरम्मत के लिए ठंड का मौसम सबसे उपयुक्त माना गया। इस दौरान पानी की खपत सामान्य से कम रहती है, जबकि गर्मियों में ऐसी स्थिति और गंभीर हो सकती थी। विभाग की योजना है कि 15 दिनों के भीतर मरम्मत का पूरा कार्य संपन्न कर लिया जाए और सप्लाई को जल्द सामान्य किया जा सके।
अस्पतालों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर भी पड़ेगा असर
खूंटाघाट जलाशय से आपूर्ति बंद होने का असर न केवल घरेलू उपभोक्ताओं पर पड़ेगा, बल्कि अस्पतालों, होटलों और व्यवसायिक प्रतिष्ठानों पर भी इसकी सीधी मार पड़ेगी। निगम ने नागरिकों से पानी के अत्यधिक और अनावश्यक उपयोग से बचने तथा जल संरक्षण की अपील की है।




