Balodabazar violence case: बलौदाबाजार हिंसा मामले में सतनामी समाज के युवाओं को पुलिस पकड़कर पीट रही है। सोशल मीडिया में इसके वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं। इस बीच सतनामी समाज के सत्येन्द्र चेलक ने समाज के युवाओं पर बर्बरता से हो रही कार्यवाही को राजनीतिक तथा सरकार के शीर्ष पर बैठे एक नेता की असफलता करार दिया है।
Balodabazar violence case: सत्येंद्र चेलक ने उप मुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा से पूछा है कि पुलिसवाले किसके इशारे पर सतनामी समाज के युवाओं को बेरहमी से पीटने का काम कर रही है। जबकि कलेक्टोरेट परिसर और पुलिस अधीक्षक कार्यालय में तोड़फोड़ कर बिल्डिंग और गाड़ियों को आग के हवाले करने वाले असामजिक तत्व खुले आम घूम रहे हैं।
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Balodabazar violence case: सत्येंद्र चेलक ने कहा है कि समाज दस जून को दशहरा मैदान में सभा और साथ में कलेक्टर को सीबीआई जांच की मांग रखने के लिए ज्ञापन सौंपने लाखों की भीड़ इकट्ठी होगी। जिला प्रशासन पूरी तरह से अवगत था। कार्यक्रम के अनुसार; दशहरा मैदान में सभा हुई। फिर वहां मौजूद भीड़ कलेक्टर को ज्ञापन सौंपने निकले। इस दौरान पुलिस ने भीड़ को बैरिकेट लगाकर रोका। भीड़ कलेक्टर से मिलकर ज्ञापन सौंपना चाहती थी। कलेक्टर अगर मौके पर आते तो इतनी बड़ी अप्रिय घटना नहीं होती। भीड़ को रोकने के लिए पुलिस वालों ने अंशुगैस के गोले, पानी के फ़ोर्स के साथ समाज के लोगों पर लाठियां भांजी। यह देखकर असामाजिक तत्वों ने इसका फायदा उठाया और फिर समाज के भीड़ में घुसकर हिंसा को अंजाम दिया।
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सत्येंद्र चेलक ने कहा है कि महकोनी अमर गुफा में स्थित हमारे समाज के आस्था के प्रतिक जैतखाम को काटने वालों को पकड़ने के बजाय बिहार से रोजी-रोटी कमाने आये मजदूरों को पुलिस ने पकड़कर आरोपी बना दिया। जबकि जैतखाम को काटकर समाज की आस्था को ठेस पहुंचाने वाले अभी तक आराम से घूम रहे हैं। इसके बावजूद जब समाज के लोगों ने आरोपियों को पकड़ने के लिए सीबीआई जांच की मांग करने वाले हमारे समाज के युवाओं को दंगाई बताकर पीटा जा रहा है। यह बर्दाश्त के बाहर है। अगर ऐसा ही चलता रहा तो फिर सरकार और पुलिस प्रशासन एक और बड़े आंदोलन को नेवता देने जा रहा है।




