आशीष पदमवार. बीजापुर। बस्तर क्षेत्र में पैतृक जमीनों की लूट को लेकर कांग्रेस ने भारतीय जनता पार्टी सरकार पर बड़ा हमला बोला है। बीजापुर विधायक विक्रम मंडावी ने आरोप लगाया है कि सलवा जुडुम के दौरान विस्थापित हुए पांच ग्रामीण परिवारों की कुल 127 एकड़ पैतृक भूमि पर रायपुर निवासी उद्योगपति महेन्द्र गोयनका ने कथित रूप से कब्जा कर लिया है।
विधायक मंडावी ने इसे सुनियोजित धोखाधड़ी करार देते हुए उच्च स्तरीय जांच, भूमि की तत्काल वापसी और धोखाधड़ी में शामिल लोगों पर कठोर कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ जमीन का सौदा नहीं, बल्कि बस्तर के मूल निवासियों की अस्मिता पर हमला है।
विस्थापितों को बिना बताए बेच दी गई जमीनें
बीजापुर जिला मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में मंडावी ने गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि सलवा जुडुम के दौरान भैरमगढ़ राहत शिविरों में रह रहे ग्राम धर्मा, बैल, छोटेपल्ली और मरकापाल के ग्रामीणों की पैतृक जमीनें धोखे से बेच दी गईं।
उन्होंने कहा, इन विस्थापित ग्रामीणों को यह तक नहीं पता चला कि उनकी उपजाऊ भूमि को किसी उद्योगपति ने अपने नाम करा लिया है। दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करवाने के लिए उन्हें बहकाया गया और बाद में पूरी जमीन हड़प ली गई।
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प्रभावित परिवारों की जमीन का ब्यौरा
प्रेस वार्ता में विधायक मंडावी ने प्रभावित परिवारों के नाम और जमीनों का विवरण भी सार्वजनिक किया।
• चेतन नाग पिता संपत नाग, ग्राम धर्मा- 12 एकड़
• घस्सू राम पिता लक्षिन्दर, ग्राम बैल- 29 एकड़
• पीला राम पिता गेटू, ग्राम बैल- 18 एकड़
• लेदरी सेठिया, ग्राम छोटेपल्ली- 40 एकड़
• बीरबल पिता बेदे, ग्राम मरकापाल- 10 एकड़
कुल मिलाकर लगभग 109 एकड़ भूमि पर कथित फर्जीवाड़ा हुआ है।
अशिक्षित ग्रामीणों से छल हुआ- मंडावी
विधायक मंडावी ने कहा, ये सभी ग्रामीण अशिक्षित हैं, न उन्हें कानून की जानकारी है, न दस्तावेज़ों की समझ। कोई भी व्यक्ति अपनी जीवनभर की पूंजी एक झटके में नहीं बेचता।
उन्होंने कहा कि इंद्रावती नदी पर पुल बनने के बाद ग्रामीण अपने गांवों को लौटने की तैयारी कर रहे थे, लेकिन जब वे वापस जाने लगे तो पता चला कि उनकी जमीन किसी और के नाम हो चुकी है। मंडावी ने कहा, पुल ने रास्ता खोला, लेकिन घर लौटने का सपना छीन लिया गया।
डबल इंजन सरकार में जल-जंगल-जमीन की लूट
विक्रम मंडावी ने भाजपा पर हमला करते हुए कहा कि, डबल इंजन की सरकार बनने के बाद बस्तर में जल, जंगल और जमीन की खुली लूट हो रही है। उद्योगपतियों की नजर यहां के बहुमूल्य संसाधनों पर है, और यह सब भाजपा के संरक्षण में चल रहा है।
उन्होंने चेतावनी दी कि बीजापुर जिले में ऐसे कई और मामले सामने आ सकते हैं। यह केवल पांच परिवारों की कहानी नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र की पीड़ा है।
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कांग्रेस करेगी जनआंदोलन
कांग्रेस विधायक ने कहा कि पार्टी इस मामले को लेकर आने वाले दिनों में जनआंदोलन छेड़ेगी। उन्होंने सरकार के समक्ष चार प्रमुख मांगें रखीं।
1. जमीनों की खरीद-बिक्री की उच्च स्तरीय जांच समिति गठित की जाए।
2. प्रभावित परिवारों को उनकी जमीनें तत्काल लौटाई जाएं।
3. धोखाधड़ी में शामिल लोगों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।
4. आदिवासी क्षेत्रों में भूमि हस्तांतरण पर सख्त निगरानी रखी जाए।
विधायक मंडावी ने कहा कि कांग्रेस बस्तर के जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए हर स्तर पर संघर्ष करेगी। उन्होंने सरकार को चेतावनी दी कि यदि पीड़ितों को न्याय नहीं मिला, तो पार्टी सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेगी।




