रायपुर। राजधानी रायपुर में अपराध की दुनिया से जुड़े कुख्यात हिस्ट्रीशीटर वीरेंद्र सिंह तोमर और रोहित तोमर के खिलाफ पुलिस ने सख्त रुख अपना लिया है। पुराने आपराधिक मामलों में फरार चल रहे इन दोनों आरोपियों की जमानत रद्द कराने के लिए पुलिस ने कोर्ट में आवेदन दाखिल कर दिया है। अब जल्द ही गिरफ्तारी वारंट जारी होने की संभावना है, जिसके बाद संपत्ति कुर्की और सहयोगियों की गिरफ्तारी की कार्रवाई तेज कर दी जाएगी।
कुर्की की तैयारी अंतिम चरण में
पुलिस से मिली जानकरी के अनुसार, जैसे ही गिरफ्तारी वारंट जारी होगा, दोनों आरोपियों की चल-अचल संपत्तियों को कुर्क करने की प्रक्रिया तत्काल शुरू कर दी जाएगी। इसके लिए आवश्यक दस्तावेज और कानूनी तैयारी लगभग पूरी हो चुकी है। पुलिस का कहना है कि संपत्ति जब्ती के जरिए आरोपियों पर दबाव बनाया जाएगा ताकि वे कानून के हवाले हों।
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मददगार भी अब पुलिस के निशाने पर
पुलिस सिर्फ वीरेंद्र और रोहित तोमर तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि उनकी फरारी के दौरान सहयोग करने वालों की भी पहचान कर उन्हें गिरफ्तार करने की रणनीति पर काम कर रही है। सूत्रों की मानें तो ऐसे कई व्यक्तियों की पहचान हो चुकी है जिन्होंने आरोपियों को पनाह दी, आर्थिक सहायता पहुंचाई या पुलिस की कार्रवाई से बचाने में मदद की। इन सभी के खिलाफ साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं और जल्द ही कानूनी कार्रवाई शुरू की जाएगी।
गंभीर धाराओं में पहले से दर्ज हैं मामले
तोमर बंधुओं के खिलाफ ब्लैकमेलिंग, धमकी, अवैध वसूली, सुखखोरी और अवैध हथियार रखने जैसे गंभीर आरोप पहले से ही दर्ज हैं। अब उनकी लगातार फरारी ने पुलिस के लिए मामले को और गंभीर बना दिया है। अधिकारियों का कहना है कि इन आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई के तहत पकड़, कुर्की और नेटवर्क ध्वस्त करने की नीति अपनाई जा रही है।




