रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ बोर्ड की करीब 500 करोड़ रुपए की संपत्तियों में से 400 से अधिक संपत्तियों पर अवैध कब्जे का बड़ा खुलासा हुआ है। इनमें रायपुर जिले की 78 संपत्तियां शामिल हैं, जहां किराएदारों ने फर्जी रजिस्ट्री कर खुद को मालिक घोषित कर लिया है। राजधानी के पॉश इलाकों – मालवीय रोड और हलवाई लाइन की 40 दुकानों पर भी वक्फ बोर्ड ने अवैध कब्जे का दावा किया है। इन दुकानों के व्यापारियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है, जिससे व्यापारिक जगत में हड़कंप मच गया है।
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वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज ने जानकारी दी कि प्रारंभिक जांच में पूरे प्रदेश में 400 से अधिक वक्फ संपत्तियों पर अवैध कब्जा पाए गए हैं। इनमें बिलासपुर की 123, रायपुर की 78 और दुर्ग जिले की सबसे कम संपत्तियां शामिल हैं। उन्होंने बताया कि फर्जी रजिस्ट्री कर बेची गई संपत्तियों को शून्य करने के लिए जिलों के कलेक्टरों को पत्र भेजे गए हैं। साथ ही, जिन मुतवल्लियों ने संपत्तियों की अवैध बिक्री की है, उनके खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की गई है।
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वक्फ की संपत्ति को बेचा नहीं जा सकता, केवल किराए पर दिया जा सकता है। इसके बावजूद पूर्व मुतवल्लियों द्वारा संपत्ति की फर्जी रजिस्ट्री कर बेचने का मामला सामने आया है। इन सभी संपत्तियों को पुनः वक्फ बोर्ड के नाम दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
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मालवीय रोड और हलवाई लाइन की दुकानों को लेकर वक्फ बोर्ड का दावा है कि व्यापारी पहले किराएदार थे, लेकिन उन्होंने फर्जी दस्तावेजों के जरिए मालिकाना हक प्राप्त कर लिया। अब इन्हें नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। व्यापारी भी पुराने दस्तावेजों के साथ जवाब देने में जुटे हैं। संभावना जताई जा रही है कि मामला वक्फ ट्रिब्यूनल और न्यायालय तक पहुंचेगा, क्योंकि कुछ व्यापारियों ने पहले ही अदालत की शरण ले ली है।




