नई दिल्ली। अमेरिका में पढ़ाई करने की योजना बना रहे भारतीय छात्रों के बीच सोशल मीडिया जांच को लेकर चिंता का माहौल है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने वीजा आवेदन प्रक्रिया में बदलाव करते हुए अंतरराष्ट्रीय छात्रों के सोशल मीडिया पोस्ट की जांच अनिवार्य कर दी है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के एक इंटरनल केबल के अनुसार, वीजा स्वीकृति से पहले छात्रों के सोशल मीडिया अकाउंट की गहन जांच की जाएगी।
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यह कदम पिछले साल अमेरिकी यूनिवर्सिटी में फलिस्तीनी समर्थकों के विरोध प्रदर्शन के बाद उठाया गया है, जिससे अंतरराष्ट्रीय छात्रों पर कड़ी निगरानी बढ़ा दी गई है। इस फैसले के बाद कई भारतीय छात्र अपने सोशल मीडिया पोस्ट डिलीट करने और अकाउंट बंद करने पर मजबूर हो गए हैं ताकि वीजा प्रक्रिया में परेशानी न हो।
मान्या (बदला हुआ नाम), जिनका चयन आइवी लीग यूनिवर्सिटी के मास्टर प्रोग्राम में हुआ था, ने अपने इंस्टाग्राम और लिंक्डइन प्रोफाइल डिलीट कर दिए हैं। उनके वीजा काउंसलर ने चेतावनी दी थी कि उनके राजनीतिक पोस्ट वीजा आवेदन के लिए खतरा बन सकते हैं। ग्रैडिंग डॉट कॉम की संस्थापक ममता शेखावत का कहना है कि राजनीतिक सक्रियता का छोटा सा संकेत भी वीजा अस्वीकार होने का कारण बन सकता है।
इस नए नियम से छात्रों की पढ़ाई के सपने पर असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है और वे सोशल मीडिया पर अपनी गतिविधियों को लेकर सतर्क हो गए हैं। अमेरिका में उच्च शिक्षा के लिए जाने वाले भारतीय छात्रों की संख्या में गिरावट आने की संभावना जताई जा रही है।




