बीजापुर. आशीष पदमवार। केंद्र व राज्य सरकार की महत्वपूर्ण नल-जल योजना को लेकर बीजापुर से अनियमितता की खबर सामने आने के बाद आज भाजपा जिलाध्यक्ष ने जाँच दल की घोषणा कर दी। जांच दल में जिले के चारो मंडलो बीजापुर, भोपालपटनम, उसूर और कुटरू से कुल 34 सदस्य शामिल किये गए है जो जाँच कर जिलाध्यक्ष को रिपोर्ट सौपेंगे।जिसके आधार पर संबधित अधिकारियों और ठेकेदारों पर कार्यवाही के लिए कलेक्टर महोदय को अनुशंसा की जाएगी।भाजपा जिलाध्यक्ष घासी राम नाग ने कहा है कि जिले भर में इस योजना के तहत हुए कामों का मंडल स्तर पर टीम गठित कर निरीक्षण के लिए भेजा जाएगा। यहां गठित टीमें कार्यों की गुणवत्ता की जांच की जाएगी। इसके अलावा लोगों से फीड बैक भी लिया जाएगा।
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जिला अध्यक्ष ने बताया कि केंद्र सरकार की इस महती योजना का उद्देश्य गांव – गांव में हर घर तक नल पहुंचकर स्वच्छ जल उपलब्ध कराना ही उद्देश्य है।लेकिन अधिकारियों और ठेकेदारों के मिलीभगत के चलते कई जगह गुणवत्ताहीन काम किया जा रहा है| ज़िलाध्यक्ष ने आगे बताया की भागीरथी योजना में हुए भ्रष्टाचार को बिलकुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जिला अध्यक्ष नाग ने भ्रष्टाचार में लिप्त अधिकारियों और ठेकेदारों को हिदायत देते हुए कहा कि काम अधूरा रहने के बावजूद पूरे पैसों का आहरण करने वाले सचेत हो जाएं।
भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप
कई गांवो के लोगों ने सीधे तौर पर इस योजना में भारी भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि निर्माण कार्य अधूरा छोड़ दिया गया योजना का लाभ ग्रामीणो को नही मिल रहा है। ग्रामीणों का दावा है कि सरकार द्वारा जारी की गई राशि का दुरुपयोग किया गया है। अधिकारियों और ठेकेदारों की मिलीभगत से इस योजना को अधूरा छोड़ दिया गया है।
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सरकारी तंत्र की निष्क्रियता
ग्रामीणों का कहना है कि इस योजना की सही मॉनिटरिंग नही होने चलते जिले में योजना ठप्प पड़ी है।उनका कहना है कि संबंधित अधिकारियों को गांव में हो रहे कार्य की सतत निरीक्षण करना चाहिए जो होता है नही।
बताते चलें कि बीजापुर से महज तीन किलोमीटर की दूरी पर स्थित मुसालूर ग्राम पंचायत के आश्रित गांव में पिछले दिनों Khabarwaad.com ने नल जल जीवन में हुए अनियमितताओं और भ्रष्टाचार का खुलासा किया था। खबर प्रकाशित होने के बाद प्रशासन जागा था और तब जाकर वहां पुनः ट्यूब वेल की खुदाई हुई थी और लोगों के घरों में पेयजल पहुंच पाया था।





