दमिश्क/यरुशलम। मध्य-पूर्व में जारी बहुस्तरीय संघर्ष के बीच इजरायल ने अब सीरिया की राजधानी दमिश्क पर बड़ा हमला किया है। बुधवार को इजरायली डिफेंस फोर्स (IDF) ने सीरियाई रक्षा मंत्रालय के प्रवेश द्वार को निशाना बनाते हुए ड्रोन अटैक किया। इस हमले के पीछे इजरायल ने ड्रूज अल्पसंख्यकों की रक्षा का तर्क दिया है।
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सीरिया में जारी अशांति के बीच इजरायली हस्तक्षेप
बताया जा रहा है कि सोमवार को दक्षिण सीरिया के सुवैदा शहर में ड्रूज समुदाय और स्थानीय सुरक्षा बलों के बीच हिंसक झड़प हुई थी। इसके बाद इजरायल ने सीरियाई बलों पर हमले शुरू कर दिए। इजरायली सेना ने बयान जारी करते हुए कहा,
“हमने दमिश्क में सीरियाई शासन के सैन्य मुख्यालय परिसर के एंट्री गेट पर हमला किया है। सेना दक्षिणी सीरिया में ड्रूज नागरिकों पर हो रही कार्रवाइयों की निगरानी कर रही है।”
हमले में दो नागरिक घायल, इमारत में अफसर छिपे
सीरियाई रक्षा मंत्रालय के सुरक्षा सूत्रों ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स को बताया कि इमारत पर कम से कम दो ड्रोन हमले हुए, और अधिकारी बेसमेंट में छिपे हुए हैं। वहीं, सीरिया के सरकारी चैनल इलेखबरिया टीवी के अनुसार, हमले में दो नागरिक घायल हुए हैं।
संघर्ष की पृष्ठभूमि
इस ताजा तनाव की शुरुआत ड्रूज लड़ाकों और बेदोइन सशस्त्र समूह के बीच हुए विवाद से हुई। शहर में शांति बहाल करने के नाम पर जब सरकारी सैनिक घुसे, तो ड्रूज समुदाय और सेना के बीच ही भिड़ंत हो गई। संघर्षविराम की कोशिशें हुईं लेकिन लगातार उल्लंघन ने हालात और बिगाड़ दिए।
इजरायल की क्षेत्रीय आक्रामकता
सीरिया के अलावा इजरायल की संलिप्तता गाजा, लेबनान और ईरान समर्थित गुटों के खिलाफ भी बढ़ती जा रही है। ऐसे में दमिश्क में हुआ यह ताजा हमला मध्य-पूर्व में युद्ध के नए चरण की ओर इशारा करता है।
विशेषज्ञ मान रहे हैं कि ड्रूज अल्पसंख्यकों की आड़ में इजरायल की यह कार्रवाई, सीरियाई शासन पर सीधा दबाव बनाने और क्षेत्रीय प्रभाव बढ़ाने की रणनीतिक चाल हो सकती है। फिलहाल, हालात बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं और संभावित जवाबी कार्रवाई की आशंका से पूरा इलाका सहमा हुआ है।




