पटना। बिहार में वोटर लिस्ट की जांच को लेकर सियासी तापमान चरम पर पहुंच गया है। महागठबंधन ने इस प्रक्रिया को पक्षपातपूर्ण बताते हुए बुधवार को पूरे राज्य में चक्का जाम और विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया है। इस विरोध का नेतृत्व कांग्रेस नेता राहुल गांधी और आरजेडी नेता तेजस्वी यादव मिलकर करेंगे, जिन्हें विपक्ष ‘दो लड़कों की जोड़ी’ के रूप में पेश कर रहा है।
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राहुल गांधी बुधवार सुबह 9:30 बजे पटना के इनकम टैक्स गोलंबर से वीरचंद पटेल पथ और शहीद स्मारक होते हुए चुनाव आयोग कार्यालय तक पैदल मार्च करेंगे। वहीं, पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव सचिवालय हॉल्ट पर रेल जाम कर इस अभियान में शामिल होंगे।
महागठबंधन का आरोप है कि वोटर लिस्ट की जांच के नाम पर सरकार मतदाता सूची से विपक्ष समर्थकों के नाम हटाने का प्रयास कर रही है। उनका कहना है कि यह लोकतंत्र के खिलाफ साजिश है।
चुनाव आयोग ने दी प्रक्रिया की जानकारी
चुनाव आयोग ने 24 जून को बिहार में वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण का आदेश जारी किया था। आयोग के अनुसार, राज्य के 7 करोड़ 89 लाख 69 हजार 844 मतदाताओं में से 8 जुलाई तक 97.42% यानी 7 करोड़ 69 लाख वोटर्स तक फॉर्म पहुंचाए जा चुके हैं।
जांच की पहली चरण की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और 25 जुलाई तक शेष जांच पूरी करने का लक्ष्य है। आयोग ने बताया कि 1 अगस्त को पहली वोटर लिस्ट जारी होगी, जबकि 1 सितंबर तक दस्तावेज जमा करने वालों के नाम अंतिम सूची में जोड़े जाएंगे। 30 सितंबर को अंतिम वोटर लिस्ट प्रकाशित की जाएगी।
इस मुद्दे पर सत्तारूढ़ दल और विपक्ष के बीच सीधी टक्कर देखने को मिल रही है, जिससे बिहार की राजनीति एक बार फिर गर्मा गई है।




