National Dengue Day 2024: वैसे तो मच्छरों से फैलने वाली सारी बीमारियां काफी खतरनाक होती है, लेकिंग उनमें से एक बीमारी हैं, जो काफी खतरनाक होने के साथ जानलेवा भी है। साल के 12 महीने डेंगू के मामले सामने आते हैं। सही समय पर इलाज ने मिलने पर कई लोगों की जिंदगियां भी निगल लेता है।
आइए जानें इसके लक्षण और बचाव कैसे करें. डेंगू सिर्फ भारत की नहीं दुनिया के कई देशों के लिए यह एक गंभीर समस्या बनी हुई है.
गर्मी बढ़ने के साथ-साथ दुनिया के कई हिस्सों में डेंगू के केसेस बढ़ने लगते हैं.लेकिन बाकी सालों के मुकाबले इस साल हालत ज्यादा खराब है. आपको जानकर हैरानी होगी कि लैटिन अमेरिकी और कैरेबियाई देशों में इस बीमारी ने इतना कहर बरपाया हुआ है कि इसे कंट्रोल करने के लिए सेना इन्वॉल्व हो गई है. जगह-जगह पर कैंप लगाकर मरीजों तक दवा और इलाज पहुंचाई जा रही है. 4 महीनों के अंदर 60 लाख से ज्यादा केस आ चुके हैं. इस बीमारी को ग्लोबल वॉर्मिंग से जोड़ा जा रहा है.
दुनिया के दूसरे देशों में डेंगू की क्या स्थिति है?
ब्राजील डेंगू से ज्यादा प्रभावित देश है. जनवरी से अप्रैल 2024 के बीच लगभग सवा 4 लाख डेंगू के केस रिपोर्ट किए गए हैं. यह कुल आबादी का 1.8 प्रतिशत है. वहीं अब तक इस बीमारी से 2 हजार से भी ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. डेंगू फीवर से अब तक कि यह सबसे ज्यादा मौतें हैं.
ब्राजील में डेंगू का कहर
ब्राजील के 26 राज्यों में इस बीमारी को लेकर इमरजेंसी घोषित की गई है. सेना के जवान फील्ड हॉस्पिटल बना रहे हैं. जहां पर लोगों का इलाज किया जाएगा.
राजधानी ब्राजिलिया में जगह-जगह पर कैंप बनाएं जा रहे हैं. जहां पर मरीजों को रखे जाएंगे. जिन्हें हॉस्पिटलों में जगह नहीं मिलेगी. उन्हें इन कैंप में रखकर इलाज किया जाएगा. वहीं देखा जाए तो अभी पीक सीजन बाकी है. ऐसा अनुमान भी लगाया जा रहा है कि मई-जून में यह स्थिति और भी ज्यादा बिगड़ सकती है.
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इन देशों में डेंगू के आंकड़े
पेरू पूरी तरह से डेंगू के चपेट में है. इस देश में इस बीमारी को लेकर इमरजेंसी घोषित कर दी गई है. पेरू में बीते 4 महीनों में लगभग डेढ लाख से भी ज्यादा मरीज आ चुके हैं. वहीं 117 की मौतें हो चुकी है. इसके अलावा अर्जेंटिना, मैक्सिको, उरुग्वे और चिली जैसे देशों में भी लोग डेंगू से काफी ज्यादा परेशान हैं.
सेंट्रल अमेरिकी देशों और मैक्सिकों में डेंगू के हर साल केस आते हैं. जबकि चिली और उरुग्वे में इसके काफी कम ही मामले देखने को मिले हैं. ‘वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन’ के साथ काम करने वाली ऑर्गनाइजेशन अमेरिकन हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन के मुताबिक उरुग्वे में पहले के मुकाबले अब कम केस आ रहे हैं.
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डेंगू के मामले बढ़ने के पीछे का कारण
इसके पीछे का कारण जलवायु परिवर्तन माना जा रहा है. पिछले 30 सालों में लैटिन अमेरिकी देशों में हर दशक में 0.2 डिग्री सेल्सियस बढ़ती ही है.
स्टेट ऑफ द क्लाइमेट इन लैटिन अमेरिका एंड कैरेबियन की साल 2022 की रिपोर्ट के मुताबिक सिर्फ क्लाइमेट में ही बदलवा नहीं हो रहे हैं बल्कि मच्छरों की संख्या भी पहले से ज्यादा बढ़ी है.
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि गर्म तापमान पर मच्छरों के तरह-तरह के स्पीशीज भी बढ़ती है. यहीं कारण है कि लैटिन अमेरिका और कैरेबियन में स्थिति खराब हो रही है.




