रायपुर। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने धर्म परिवर्तन के आरोप को लेकर पूर्व केंद्रीय मंत्री अरविंद नेताम, भाजपा नेता केदार कश्यप और सांसद महेश कश्यप को कानूनी नोटिस भेजा है। बैज के वकील ने तीनों नेताओं से 15 दिनों के भीतर जवाब देने को कहा है।
नोटिस में आरोप लगाया गया है कि तीनों नेताओं ने जानबूझकर झूठे और भ्रामक बयान दिए, जिससे दीपक बैज की सामाजिक प्रतिष्ठा और राजनीतिक छवि को ठेस पहुँची है। यह बयान न केवल उनकी मान-मर्यादा को ठेस पहुँचाते हैं, बल्कि उनके राजनीतिक भविष्य को भी नुकसान पहुँचाने की कोशिश है।
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क्या है मामला?
यह विवाद तब शुरू हुआ जब नागपुर में एक RSS कार्यक्रम के दौरान पूर्व केंद्रीय मंत्री अरविंद नेताम ने मंच से कहा कि वे दीपक बैज से पूछना चाहते हैं कि क्या उन्होंने धर्म परिवर्तन कर लिया है? नेताम ने यह भी पूछा कि क्या बैज अब ईसाई धर्म में कन्वर्ट हो चुके हैं? साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस को धर्मांतरण पर अपनी नीति स्पष्ट करनी चाहिए।
दीपक बैज की प्रतिक्रिया
इस बयान पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए पीसीसी चीफ दीपक बैज ने कहा कि नेताम RSS की भाषा बोल रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या नेताम को कोई प्रलोभन दिया गया है या उन्हें किसी प्रकार का भय दिखाया गया है? बैज ने चुनौती दी कि नेताम वही बातें आदिवासी समाज के बीच जाकर कहें और देखें कि समाज किस तरह से प्रतिक्रिया देता है।
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नोटिस में क्या कहा गया?
बैज के वकील द्वारा भेजे गए नोटिस में कहा गया है कि दीपक बैज स्वयं आदिवासी समाज से आते हैं और अपने आराध्य भगवान बूढ़ादेव, महादेव और माँ दंतेश्वरी में गहरी आस्था रखते हैं। नेताम द्वारा लगाए गए आरोप झूठे, बेबुनियाद और मानहानिकारक हैं, जिससे बैज की छवि धूमिल हुई है और उन्हें मानसिक आघात पहुँचा है।
वकील ने चेतावनी दी है कि यदि 15 दिनों के भीतर लिखित जवाब नहीं दिया गया, तो संबंधित धाराओं के तहत आपराधिक मुकदमा दर्ज किया जाएगा। यह आरोप भारतीय न्याय संहिता की धारा 353 और 356 के अंतर्गत दंडनीय है।




