नई दिल्ली/साइप्रस। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उनके दो दिवसीय साइप्रस दौरे के दौरान देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘ग्रैंड क्रॉस ऑफ द ऑर्डर ऑफ मकारियोस III’ से नवाजा गया। यह सम्मान साइप्रस के राष्ट्रपति निकोस क्रिस्टोडौलिडेस ने सोमवार को उन्हें भव्य समारोह में प्रदान किया।
शैक्षणिक सत्र के पहले दिन काली पट्टी बांधकर पहुंचे शिक्षक, 4 सूत्रीय मांगों को लेकर 16 से 30 जून तक जताएंगे अपना विरोध
सम्मान प्राप्त करने के बाद पीएम मोदी ने कहा, “यह पुरस्कार 140 करोड़ भारतवासियों का सम्मान है। यह हमारे देश की भाईचारे की भावना और वसुधैव कुटुंबकम की विचारधारा का प्रतीक है।” उन्होंने इसे भारत और साइप्रस के मजबूत और मैत्रीपूर्ण संबंधों को समर्पित किया।
पीएम मोदी ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर लिखा, “साइप्रस के इस सर्वोच्च नागरिक सम्मान को पाकर अत्यंत गर्व महसूस हो रहा है। मैं इसे भारत और साइप्रस की दोस्ती को समर्पित करता हूं।”
नया रायपुर बनेगा सोलर सिटी: अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम से लेकर सरकारी व निजी आवास सौर ऊर्जा से होगा रोशन
प्रधानमंत्री ने आगे कहा, “यह सम्मान शांति, संप्रभुता, क्षेत्रीय अखंडता और अटूट प्रतिबद्धता का प्रतीक है। मैं इसे पूरे भारतीय समाज की ओर से कृतज्ञता के साथ स्वीकार करता हूं।”
इस ऐतिहासिक अवसर से पहले पीएम मोदी ने भारत-साइप्रस व्यापार गोलमेज बैठक को भी संबोधित किया। उन्होंने साइप्रस के राष्ट्रपति को एयरपोर्ट पर स्वयं स्वागत करने के लिए धन्यवाद दिया और व्यापार बैठक के आयोजन की सराहना की। उन्होंने कहा, “आपके विचारों में न केवल संभावनाएं दिखीं, बल्कि संकल्प की झलक भी मिली।”
गौरतलब है कि यह दौरा कई मायनों में ऐतिहासिक है क्योंकि 23 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री ने साइप्रस की यात्रा की है। पीएम मोदी ने इस यात्रा की शुरुआत व्यापारिक बैठक से की, जो यह दर्शाता है कि भारत और साइप्रस के आर्थिक संबंधों को नई दिशा देने की मंशा है।
इस दौरे को भारत-साइप्रस द्विपक्षीय संबंधों को और अधिक मजबूती देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।




