नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट में वक्फ कानून को लेकर गुरुवार को लगातार दूसरे दिन सुनवाई हो रही है. इस मामले पर कोर्ट दोपहर दो बजे सुनवाई शुरू हुई. इससे पहले बुधवार को भी अदालत में सुनवाई हुई थी. इस दौरान मुस्लिम पक्ष और केंद्र सरकार ने अपनी-अपनी दलीलें पेश की थी.
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कोर्ट ने बुधवार को संकेत दिए थे कि वह इसे लेकर अंतरिम आदेश दे सकती है. इस पर केंद्र सरकार ने बुधवार को सुनवाई के दौरान कहा था कि अंतरिम आदेश जारी करने से पहले उसकी दलीलें सुनी जाए. चीफ जस्टिस संजीव खन्ना, जस्टिस संजय कुमार और जस्टिस केवी विश्वनाथन की बेंच इन याचिकाओं पर सुनवाई कर रही है. तीन जजों की बेंच ने वक्फ कानून के तीन प्रावधानों पर रोक का प्रस्ताव दिया है. इसमें वक्फ घोषित संपत्तियों को डिनोटिफाइ न करने का अंतरिम आदेश हो सकता है. कलेक्टर की शक्तियों को लेकर भी अंतरिम आदेश आ सकता है. वक्फ बोर्ड में गैर मुस्लिमों को शामिल करने पर भी कोर्ट अंतरिम आदेश दे सकता है.
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बता दें कि सुप्रीम कोर्ट में नए वक्फ कानून के खिलाफ 73 याचिकाएं दायर हुई हैं. कोर्ट में इसकी वैधता को चुनौती दी गई है. याचिकाओं में दावा किया गया है कि संशोधित कानून के तहत वक्फ की संपत्तियों का प्रबंधन असामान्य ढंग से किया जाएगा और यह कानून मुसलमानों के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन करता है.
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सुप्रीम कोर्ट 5 मुख्य आपत्तियों पर ही सुनवाई करेगा
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि 110 से 120 फाइलें पढ़ना संभव नहीं हैं. ऐसे में ऐसे पांच बिंदु तय करने होंगे. सिर्फ 5 मुख्य आपत्तियों पर ही सुनवाई होगी. नोडल काउंसिल के जरिए इन आपत्तियों को तय कीजिए. कोर्ट ने केंद्र को जवाब देने के लिए एक हफ्ते का समय दिया है. तब तक वक्फ बोर्ड और परिषद में नई नियुक्ति नहीं होगी. इसके साथ ही तय समय तक वक्फ बाय यूजर में बदलाव नहीं होगा.




