रायपुर। छत्तीसगढ़ और आंध्र प्रदेश की सीमा पर स्थित मारेडपल्ली के जंगलों में मंगलवार सुबह से सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच भीषण मुठभेड़ जारी है। आंध्र प्रदेश की स्पेशल फोर्स ग्रेहाउंड्स ने इस ऑपरेशन में अब तक नक्सलियों के सेंट्रल कमेटी मेंबर गजरला रवि, उसकी पत्नी और स्पेशल जोनल कमेटी की सदस्य अरुणा समेत तीन बड़े नक्सली नेताओं को मार गिराया है। मारे गए सभी नक्सलियों पर लाखों का इनाम घोषित था।
गजरला रवि: 40 लाख का इनामी, कई बड़ी वारदातों में शामिल
गजरला रवि आंध्र और छत्तीसगढ़ पुलिस को लंबे समय से वांछित था। वह 10 फरवरी 2012 को बीजापुर में बीएसएफ के काफिले पर हुए हमले का मास्टरमाइंड था, जिसमें कमांडेंट समेत तीन जवान शहीद हुए थे। इस हमले में नक्सलियों ने जवानों के हथियार भी लूट लिए थे। 2014 से वह भूमिगत होकर छत्तीसगढ़ में सक्रिय था। उस पर 40 लाख रुपए का इनाम घोषित था।
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अरुणा: 20 लाख की इनामी, चलपति की पत्नी
मुठभेड़ में मारी गई अरुणा, नक्सलियों की स्पेशल जोनल कमेटी की सक्रिय सदस्य थी। वह नक्सली लीडर चलपति की पत्नी थी। अरुणा पर भी आंध्र प्रदेश सरकार ने 20 लाख रुपए का इनाम घोषित कर रखा था। पुलिस के मुताबिक, वह कई बड़े हमलों की साजिश में शामिल रही है।
पुलिस ने की मुठभेड़ की पुष्टि
अल्लूरी सीताराम जिले के एसपी अमित बरदार ने इस एनकाउंटर की पुष्टि करते हुए बताया कि ऑपरेशन अभी भी जारी है। इलाके को पूरी तरह घेर लिया गया है और सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया गया है।
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बीते दिनों भी नक्सलियों को लगे बड़े झटके
- 13 दिन पहले, बीजापुर के इंद्रावती नेशनल पार्क क्षेत्र में केंद्रीय कमेटी का सदस्य और 1 करोड़ का इनामी सुधाकर उर्फ नर सिंहाचलम एक मुठभेड़ में मारा गया। वह तेलंगाना, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र में वांटेड था।
- 12 दिन पहले, बीजापुर जिले में ही सुरक्षाबलों ने 45 लाख के इनामी नक्सली भास्कर को ढेर किया। उसके पास से ऑटोमैटिक हथियार भी बरामद हुए।
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अमित शाह का एलान- 2026 तक नक्सलवाद का पूर्ण सफाया
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने अगस्त 2024 में बस्तर दौरे के दौरान स्पष्ट रूप से कहा था कि मार्च 2026 तक पूरे देश से नक्सलवाद का पूरी तरह से खात्मा कर दिया जाएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार की तीन स्तरीय रणनीति – सरेंडर पॉलिसी, विकास कार्य, और आक्रामक सुरक्षा अभियान- के जरिए नक्सलवाद की जड़ों को खत्म किया जाएगा।




