ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर में विदेशी नस्ल के कुत्ते बेचने का झांसा देकर एक महिला की जमा पूंजी और उसकी जान लेने वाले दो महीने बाद भी कानून की जद में नहीं आ पाए। ठगी की वारदात में शामिल आरोपियों के खिलाफ पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है, लेकिन दो महीने बाद भी ठगों की जानकारी नहीं मिल पाई है। जिस
नंबर से हत्यारे ठग महिला को फोन कर पैसा ऐंठ रहे थे, उसी आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर तलाश शुरू कर दी है।
दरअसल, ग्वालियर के पुरानी छावनी थाना क्षेत्र के कृष्णा नगर पहाड़ी निवासी रीना (38) ने 11 जून को सुसाइड किया था। जानकारी मिल रही कि , रीना ने सोशल मीडिया पर विदेशी नस्ल के पपी सस्ते दाम पर बिकने का विज्ञापन देखा था और उस पपी बेचने वालों के नंबर पर संपर्क किया। अनजान रीना ठगों की चाल नहीं समझ पाई, और उनके झांसे में आकर 1.25 करोड़ रुपए गंवा बैठी। महिला ने लाख से ज्यादा रुपये ठगों के बताए खाते में जमा कर दिया। पैसा देने के बाद भी कुत्ते नहीं मिले तो उसे ठगी का एहसास हुआ। उसने ठगों से पैसा वापस करने की कोशिश की लेकिन नहीं मिला।
इससे हताश होकर रीना ने 10 जून की रात को जहर खा लिया। जिसके दूसरे दिन उसकी मौत हो गई। पुलिस जांच में पाया गया कि रीना ठगी का शिकार हुई थी। इसी से हताश होने के बाद उसने सुसाइड किया था। जिस नंबर से हत्यारे ठग महिला को फोन कर पैसा ऐंठते थे। उस नंबर के आधार पर पुलिस ने दो अज्ञात पर मामला दर्ज कर मोबाइल नंबर से आरोपियों की तलाश की जा रही है। पुलिस का कहना हैं कि उनके पकड़े जाने के बाद ही ठग गैंग का खुलासा हो सकता है।




