मुंगेली। जिले के लोरमी थाना क्षेत्र से दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। ग्राम कोसाबाड़ी में दो महीने पहले रहस्यमय ढंग से लापता हुई 7 साल की बच्ची माहेश्वरी गोस्वामी उर्फ लाली का कंकाल मिलने से सनसनी फैल गई है। डीएनए जांच में पुष्टि हो चुकी है कि यह कंकाल लाली का ही है। अब बच्ची की मौत की गुत्थी सुलझाने के लिए पुलिस ने परिवार के तीन संदिग्धों मां, पिता और भाभी का नार्को टेस्ट कराने की तैयारी शुरू कर दी है।
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अचानक गायब हो गई थी मासूम लाली
12 अप्रैल 2025 की रात लगभग 2 बजे लाली अपने घर के आंगन में मां पुष्पा गोस्वामी और छोटे भाई के साथ सो रही थी। उसी दौरान वह अचानक गायब हो गई। परिजनों ने अगली सुबह से ही पूरे गांव में खोजबीन शुरू कर दी, लेकिन बच्ची का कोई सुराग नहीं मिला।तीन दिन बाद, 15 अप्रैल को लाली की मां ने लोरमी थाने में बच्ची के लापता होने की रिपोर्ट दर्ज कराई। इसके बाद पुलिस ने जांच शुरू करते हुए सात अलग-अलग टीमें और साइबर सेल की मदद ली। जांच की शुरुआत में पुलिस ने सबसे पहले परिजनों से गहन पूछताछ की।
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पिता ने लगाए पुलिस पर लापरवाही के आरोप
लाली के पिता जनक गिर गोस्वामी, जो लकवा से पीड़ित हैं, ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि पुलिस ने बच्ची को खोजने में गंभीरता नहीं दिखाई और उल्टे उन्हें ही शक की निगाह से देखा गया। उन्होंने मीडिया के माध्यम से अपनी पीड़ा जाहिर करते हुए न्याय की गुहार लगाई।
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कांग्रेस ने निकाली बेटी बचाओ न्याय यात्रा
लगातार जांच में प्रगति न होने और बच्ची का कोई सुराग न मिलने पर 20 अप्रैल को कांग्रेस ने इस मामले को लेकर मोर्चा खोल दिया। पीसीसी चीफ दीपक बैज के नेतृत्व में पार्टी कार्यकर्ताओं ने कोसाबाड़ी से लोरमी तक 10 किलोमीटर की ‘बेटी बचाओ न्याय यात्रा’ निकाली और लोरमी थाने का घेराव कर बच्ची की तलाश और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की।
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श्मशान घाट के पास मिला कंकाल
करीब एक महीने बाद, 9 मई को गांव से कुछ दूरी पर स्थित श्मशान घाट के पास खेत में ग्रामीणों को मानव कंकाल दिखाई दिया। तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। मौके से खोपड़ी, पसलियां, बाल और एक अंडरवियर बरामद किया गया। सभी अवशेषों को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया।
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डीएनए से हुई लाली की पहचान
7 जून 2025 को मुंगेली एसपी भोजराम पटेल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पुष्टि की कि फॉरेंसिक जांच और डीएनए रिपोर्ट में यह स्पष्ट हो गया है कि बरामद कंकाल लापता बच्ची लाली का ही है। यह पुष्टि होते ही मामला हत्या की तरफ मुड़ गया है।
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मां, पिता और भाभी पर गहराया शक
पुलिस ने अब बच्ची की मां पुष्पा गोस्वामी और भाभी रितु गोस्वामी का पहले ही पॉलीग्राफ और ब्रेन मैपिंग टेस्ट करवा लिया है। इसके बाद न्यायालय से मां, पिता और भाभी तीनों के नार्को टेस्ट की अनुमति मिल गई है। एम्स में टेस्ट के लिए आवेदन किया गया है। रिपोर्ट आने के बाद ही साफ हो पाएगा कि आखिर लाली की मौत किन परिस्थितियों में हुई और इसके पीछे कौन जिम्मेदार है।
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पुलिस का दावा- जल्द होगा पूरे मामले का खुलासा
मुंगेली पुलिस का कहना है कि यह बेहद संवेदनशील मामला है और बच्ची की मौत की सच्चाई सामने लाने के लिए हर पहलू की गहनता से जांच की जा रही है। नार्को टेस्ट की रिपोर्ट आने के बाद इस हृदयविदारक घटना का पूरा सच सामने लाया जाएगा और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाएगी।




