दुर्ग। दुर्ग रेलवे स्टेशन पर मानव तस्करी और धर्मांतरण के शक में जमकर हंगामा हुआ। बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि दो नन (सिस्टर) एक युवक के साथ मिलकर नारायणपुर जिले की तीन लड़कियों को बहला-फुसलाकर आगरा ले जा रहे थे। कार्यकर्ताओं की शिकायत पर जीआरपी थाना भिलाई-3 के अंतर्गत दुर्ग जीआरपी चौकी में मामला दर्ज कर लिया गया है।
घटना तब सामने आई जब स्टेशन पर कुछ लड़कियां घूमती नजर आईं। शक के आधार पर बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने उनसे पूछताछ की, जिसमें उन्होंने बताया कि वे नन के साथ यात्रा कर रही हैं। इसके बाद कार्यकर्ताओं ने तीनों लड़कियों, दो ननों और एक युवक को पकड़कर जीआरपी थाना ले गए। वहां बजरंग दल ने मानव तस्करी और धर्मांतरण का आरोप लगाते हुए हंगामा किया और नारेबाजी की।
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सूचना मिलने पर बजरंग दल की जिला संयोजिका ज्योति शर्मा बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं के साथ मौके पर पहुंचीं। उन्होंने आरोप लगाया कि दोनों नन लड़कियों को नौकरी का झांसा देकर ले जा रही थीं। उनका दावा है कि यह केवल नौकरी दिलाने का मामला नहीं, बल्कि सुनियोजित मानव तस्करी और धर्मांतरण का प्रयास है।
ज्योति शर्मा ने बताया कि पूछताछ में लड़कियों ने कहा कि उन्हें जबरदस्ती ले जाया जा रहा था और उन्हें यह तक पता नहीं था कि वे कहां जा रही हैं। पकड़ा गया युवक पहले भी तीन बार लड़कियों को बाहर भेज चुका है। उसके पास तीन आधार कार्ड मिले हैं, जबकि एक लड़की के पास एक डायरी मिली जिसमें कई राज्यों के नाम, पादरियों के नंबर और कई लड़कियों की तस्वीरें दर्ज थीं।
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लड़कियों के परिवारों से संपर्क करने पर यह जानकारी सामने आई कि उन्हें गुमराह कर घर से ले जाया गया था। ओरछा गांव की लड़कियों के परिजनों ने स्थानीय थाने में एफआईआर दर्ज कराई है।
भिलाई जीआरपी प्रभारी राजकुमार बोरझा ने बताया कि बजरंग दल की शिकायत के बाद मामले की जांच की गई। प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई कि लड़कियों को नौकरी का लालच देकर बाहर ले जाया जा रहा था। मामले में दो नन और एक युवक के खिलाफ धारा 143 बीएस के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है और आगे की जांच जारी है।




