दुर्ग। जिले में अपराध के ग्राफ को कम करने और लंबित मामलों का जल्द से जल्द निराकरण करने के उद्देश्य से वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) विजय अग्रवाल ने पाटन अनुविभाग के थाना प्रभारियों की बैठक ली। बुधवार को उतई थाना में आयोजित इस बैठक में पाटन क्षेत्र के सभी थाना प्रभारी और विवेचक उपस्थित रहे।
बैठक में एसएसपी अग्रवाल ने कानून व्यवस्था को और मजबूत करने के निर्देश देते हुए कहा कि सभी अपराधों व चालानों का निराकरण 60 से 90 दिनों के भीतर अनिवार्य रूप से किया जाए। उन्होंने प्रत्येक थाना प्रभारी और विवेचक से व्यक्तिगत रूप से चर्चा कर लंबित मामलों की केस डायरी देखी और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
आरोपियों की गिरफ्तारी में तेजी और संवेदनशील व्यवहार पर जोर
एसएसपी ने कहा कि यदि किसी आरोपी की गिरफ्तारी के लिए अन्य राज्य में टीम भेजने की आवश्यकता हो, तो नियमानुसार अनुमति लेकर शीघ्र कार्रवाई करें। उन्होंने पुलिसकर्मियों को फरियादियों के प्रति संवेदनशील रवैया अपनाने की सलाह दी और कहा कि प्रत्येक रिपोर्टकर्ता की समस्या को ध्यानपूर्वक सुनकर तत्काल समाधान सुनिश्चित किया जाए।
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गुंडा-बदमाशों पर रखी जाएगी सख्त नजर
अग्रवाल ने निगरानी बदमाशों, गुण्डा तत्वों और हिस्ट्रीशीटर अपराधियों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बीट स्तर पर इनकी आय के स्रोत, चाल-चलन और दैनिक गतिविधियों की नियमित जांच होनी चाहिए। यदि कोई अपराधी जेल में बंद है, तो उसकी हरकतों की भी निगरानी की जाए, ताकि अपराध की जड़ें समाप्त की जा सकें।
फिटनेस और अनुशासन पर दिया जोर
एसएसपी ने पुलिसकर्मियों को शारीरिक रूप से फिट रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि योग और नियमित व्यायाम को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं, ताकि मानसिक और शारीरिक रूप से चुस्त रहकर पुलिसिंग को बेहतर किया जा सके।
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यातायात नियमों के पालन को लेकर भी दिए निर्देश
बैठक में सड़क सुरक्षा पर भी चर्चा हुई। एसएसपी अग्रवाल ने कहा कि पाटन क्षेत्र की सड़कों पर मवेशियों के कारण हो रही दुर्घटनाओं से बचाव के लिए दुपहिया चालकों को हेलमेट और चारपहिया चालकों को सीट बेल्ट का उपयोग अनिवार्य रूप से करना चाहिए। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल कानून पालन नहीं, बल्कि जीवन की रक्षा का संकल्प है।




