बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाला मामले में गिरफ्तार पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल की जमानत याचिका पर आज हाईकोर्ट में महत्वपूर्ण सुनवाई हुई। जस्टिस अरविंद कुमार वर्मा की सिंगल बेंच में हुई सुनवाई के दौरान प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अपनी दलीलें पूरी कीं, जिसके बाद अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया।
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याचिकाकर्ता की ओर से दलील दी गई कि मामले की ट्रायल प्रक्रिया में लगातार देरी हो रही है और अब तक ऐसी कोई ठोस सामग्री सामने नहीं आई है, जिससे यह साबित हो कि चैतन्य बघेल की इस कथित घोटाले में प्रत्यक्ष भूमिका है। बचाव पक्ष ने कहा कि मामला 4 अक्टूबर को दर्ज किए गए एक बयान पर आधारित है। याचिका में यह भी तर्क दिया गया कि चैतन्य बघेल के खाते में 2 करोड़ रुपये के ट्रांजेक्शन का उल्लेख किया गया है, लेकिन कहीं भी यह नहीं बताया गया कि यह धनराशि शराब घोटाले से जुड़ी हुई है।
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दोनों पक्षों की विस्तृत बहस के बाद कोर्ट ने याचिकाकर्ता और प्रतिवादी को अपने-अपने ‘रिटर्न सबमिशन’ दाखिल करने का निर्देश दिया। सभी दलीलें सुनने के पश्चात हाईकोर्ट ने मामले में अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। अब अदालत के आदेश का इंतजार किया जा रहा है।




