गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। मरवाही वनमंडल में भालू के शव के मामले में वन विभाग द्वारा की गई सख्त कार्रवाई वाकई में गंभीरता को दर्शाती है। भालू के शव मिलने के बावजूद सूचना की देरी को लेकर बीट गार्ड राकेश कुमार पंकज को निलंबित करना और डिप्टी रेंजर अश्वनी दुबे को कारण बताओ नोटिस जारी करना यह साबित करता है कि विभाग ने इस घटना को बहुत गंभीरता से लिया है।
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इस मामले में यह भी अहम है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार भालू की मौत स्वाभाविक रूप से हुई, न कि शिकार से, लेकिन सूचना देने में हुई लापरवाही से वन विभाग को अपना गुस्सा और सख्त कदम उठाना पड़ा।
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इस प्रकार की घटनाओं में वन विभाग की तत्परता बहुत महत्वपूर्ण होती है, ताकि जंगलों और उनके जीव-जंतुओं के संरक्षण को लेकर कोई भी लापरवाही न हो।




