Bilaspur Breaking News: बिलासपुर में सरस्वती शिशु मंदिर प्रबंधन के रवैए से शिक्षक परेशान हैं। प्रबंधन की मनमानी ऐसी कि उन्हें साल भर से वेतन नहीं दिया जा रहा है। बच्चों का भविष्य खराब न हो इस कारण से शिक्षक बिना वेतन के ही काम करते रहे। लेकिन, लंबे समय से वेतन न मिलने की वजह से उनके परिवार की आर्थिक स्थिति खराब हो गई है। लिहाजा, शिक्षकों ने कलेक्टर और डीईओ से शिकायत कर काम बंद कर हड़ताल शुरू कर दिया है। मामला सरकंडा के अशोक नगर स्थित सरस्वती शिशु मंदिर का है।
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Bilaspur Breaking News: स्कूल की प्राचार्य गायत्री तिवारी ने बताया कि जब स्कूल की आर्थिक स्थिति ठीक थी, तब शिक्षक फंड के पैसे से स्कूल प्रबंधन ने जमीन खरीद ली। लेकिन, धीरे-धीरे कर स्कूल में विद्यार्थियों की संख्या कम होने लगी, तब स्कूल की आर्थिक स्थिति बिगड़ने लगी। स्थिति यह है कि अब उन्हें एक साल का वेतन का भुगतान नहीं हो पाया है। इससे शिक्षकों को कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इस मामले में स्कूल प्रबंधन का पक्ष जानने के लिए व्यवस्थापक दिलीप कुमार शर्मा से संपर्क किया गया। लेकिन, उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।
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प्रबंधन ने नहीं दिया ध्यान, कलेक्टर और डीईओ से की शिकायत
Bilaspur Breaking News: इस पर शिक्षकों ने मिलकर प्रबंध समिति से कई बार वेतन की मांग की। लेकिन, इस ओर ध्यान नहीं दिया गया। स्कूल में पढ़ाने वाले 10 शिक्षक हैं। सभी शिक्षक पहले अपनी समस्या लेकर कलेक्टर कार्यालय पहुंचे थे। रीना तिवारी और नीलिमा शर्मा ने बताया कि वेतन भुगतान को लेकर स्कूल प्रशासन को लिखित आवेदन भी दे चुके हैं। लेकिन स्कूल प्रबंधन की तरफ से उनकी समस्याओं की ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। शिक्षकों ने पहले कलेक्टर को ज्ञापन दिया। इसके बाद डीईओ को लिखित आवेदन देकर वेतन दिलाने की गुहार लगाई।
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शिक्षकों ने शुरू किया आंदोलन, स्कूल के सामने धरना-प्रदर्शन
प्रबंधन की मनमानी और वेतन भुगतान नहीं करने से परेशान शिक्षकों ने अब आंदोलन का रूख अख्तियार किया है। शिक्षकों ने स्कूल के सामने ही धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया है। शिक्षकों का कहना है कि अब बिना वेतन के काम करना मुश्किल हो रहा है। जब तक वेतन नहीं मिलेगा, तब तक वो स्कूल में अध्यापन कार्य बंद रखेंगे।




