दुर्ग। जिले में मंगलवार शाम एक ऐसी घटना घटी जिसने हर किसी को अंदर तक हिला दिया। शिवनाथ नदी के पुल पर खेलते हुए 12 वर्षीय बच्चा अचानक फिसलकर नदी में जा गिरा। मौत और जिंदगी के बीच जूझते उस मासूम को देख वहां मौजूद दो युवकों ने बिना एक पल गंवाए छलांग लगा दी।
28 वर्षीय योगेंद्र ठाकुर और उनका साथी किसी तरह लहरों से जूझते हुए बच्चे तक पहुंचे और उसे किनारे तक खींच लाए। मासूम की जिंदगी तो बच गई, लेकिन योगेंद्र खुद नदी की तेज धार में बह गए। उस पल किनारे खड़े लोगों की आंखें नम थीं—एक मां की गोद फिर से भर गई, लेकिन एक घर का चिराग बुझ गया।
सूचना मिलते ही पुलगांव पुलिस और एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची। पिछले 24 घंटे से रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। एसडीआरएफ के जवानों के मुताबिक शिवनाथ नदी की गहराई और धार इतनी तेज है कि तलाशी अभियान बेहद चुनौतीपूर्ण बन गया है। फिर भी उम्मीद की डोर थामे जवान लगातार नदी के सीने को टटोल रहे हैं।
योगेंद्र की बहादुरी अब पूरे इलाके में चर्चा का विषय है। लोग दुआ कर रहे हैं कि उनका कोई सुराग मिले। गांव के बुजुर्ग कह रहे हैं—“उसने बच्चा नहीं, किसी मां की दुनिया बचाई है।”




