CGPSC Scam Case: छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) के पूर्व चेयरमैन टामन सोनवानी और रायपुर स्थित बजरंग पॉवर इस्पात कंपनी के डायरेक्टर एसके गोयल को सीबीआई ने आज विशेष कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने दोनों आरोपियों को 25 नवंबर तक 7 दिनों की सीबीआई रिमांड पर सौंपा है।
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CGPSC Scam Case: सीबीआई ने इस मामले में आरोपियों से कई बिंदुओं पर पूछताछ करने के लिए 12 दिनों की रिमांड की मांग की थी, लेकिन न्यायालय ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद 7 दिनों की रिमांड मंजूर की। कोर्ट ने निर्देश दिए हैं कि इस दौरान सुप्रीम कोर्ट द्वारा निर्धारित गाइडलाइनों का पूरी तरह पालन किया जाएगा।
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CGPSC Scam Case: टामन सोनवानी के वकील गणेश गिरी गोस्वामी ने बताया कि सीबीआई के आरोप पूरी तरह से गलत हैं। उन्होंने कहा, “हमने अपनी दलीलें रखी हैं और अदालत ने दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद फैसला लिया है। रिमांड के दौरान वकील की मौजूदगी में ही पूछताछ की जाएगी।”
सीबीआई ने कुछ महीने पहले ही टामन सोनवानी के घर पर छापा मारा था, जिसके बाद उनकी गिरफ्तारी की गई। उन पर आरोप है कि उन्होंने चयन के बदले अभ्यर्थियों से 45 लाख रुपये की रिश्वत ली। इसके अलावा, रायपुर की बजरंग पॉवर इस्पात कंपनी के डायरेक्टर एसके गोयल को भी गिरफ्तार किया गया है। बताया जा रहा है कि गोयल के परिवार के सदस्य-उनकी बहू और बेटे-का CGPSC की परीक्षा में चयन हुआ था, जिसके बाद उनका नाम इस घोटाले में आया।




